खोला सुनार के चीड़ बाहुल्य क्षेत्र में आग लगने से वन संपदा को नुकसान
चंपावत जिले में बीते एक माह में दावाग्नि की 6 घटनाएं हुई
देवभूमि टुडे
चंपावत/बाराकोट। ठंड के बावजूद जंगलों में आग लगने की घटनाएं थम नहीं रहे हैं। ताजा घटना बाराकोट क्षेत्र के खोलासुनार के जंगल की है। अराजक तत्वों ने जंगलों में आग लगाकर वन संपदा को नुकसान पहुंचाया है।
कल 19 जनवरी की शाम को खोलासुनार के जंगल में एकाएक आग लग गई। चीड़ बाहुल्य क्षेत्र होने से आग इतनी तेजी से फैली कि जंगल धू-धू कर जलने लगा। जिससे वन संपदा को नुकसान पहुंचा है। आग तेजी से फैलते हुए बाराकोट विद्युत विभाग के सब-स्टेशन के पास तक पहुंच गई, जिससे सब-स्टेशन को खतरा पैदा हो गया। ऊर्जा निगम कर्मियों ने तुरंत सब-स्टेशन के आसपास की आग को किसी तरह बुझाया, लेकिन जंगल में आग लगातार धधकती रही। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची।
वन दरोगा प्रकाश गिरी गोस्वामी, नंदा बल्लभ भट्ट, वन बीट अधिकारी रमेश चंद्र त्रिवेदी, केशव तिवारी सहित अन्य कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। वन विभाग ने वनों में आग लगाने वालों की सूचना वन विभाग को देने की अपील की है।
चंपावत जिले में पिछले साल 9 अक्टूबर के बाद बारिश नहीं हुई। 3 माह से अधिक समय हो गया, एक भी बूंद नहीं बरसने से वातावरण से नमी गायब है। आज 20 जनवरी को भी न्यूनतम तापमान 3 डिग्री सेल्सियस रहा, लेकिन इसके बावजूद जंगल में आग की घटनाएं थम नहीं रही है। वैसे चंपावत जिले में 16 दिसंबर से अब तक दावाग्नि की 6 घटनाएं हो चुकी हैं।
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