काले कौवा झट्ट अ
उड़नी- उड़नी फट्ट अ
स्वादि-स्वादि पकवान में आज
तू मारिले झपट्ट अ
त्वेखिन बनै राख्छि मैंले घुघुति
तेरि छ आज खानाकि बुति
त्वैखिन ल्यारयूं मैं मांसाक् बड़
देख! हाथौ में करन्यौंन खड़- खड़-खड़-खड़
रुखाक् जड़ में गड़ाक् तीर
मैंले तिमलाक् पात में राखि राख्छ खीर
त्वेखिन पकै ल्यारयूं मैं पुवा-खजूर बिनति छ त्वेखिन तू खादे हजूर करिदे झटपट चट्ट अ
काले कौवा झट्ट अ
अ! उड़नी- उड़नी फट्ट अ
स्वादि- स्वादि पकवान में आज
तू मारिले झपट्ट अ
जनकवि प्रकाश जोशी शूल क्वेरालाघाटी चंपावत।
© 2026. All Rights Reserved.