देव रथ यात्रा के साथ शुरू हुआ दो दिनी मेला
दियूरी से बेलखेत तक निकाली गई डोला यात्रा
देवभूमि टुडे
चंपावत। चंपावत से 35 किमी दूर दियूरी ग्राम पंचायत के बेलखेत में दो दिनी उत्तरायणी मेला देवरथ यात्रा के साथ शुरू हो गया है। शुभारंभ मौके पर दियूरी से बेलखेत तक सड़क मार्ग से होते हुए डोला यात्रा निकाली गई। देवडांगरों ने अवतरित होकर भक्तों को आशीर्वाद दिया।

आज 13 जनवरी को दो दिवसीय उत्तरायणी मेले का शुभारंभ संरक्षक सुंदर सिंह बोहरा, जिला पंचायत सदस्य हिमानी बोहरा, ग्राम प्रधान मुन्नी देवी और कमेटी अध्यक्ष दशरथ सिंह बोहरा ने किया। जिसके बाद दियूरी से बेलखेत तक 40 किमी लंबी देव रथ यात्रा निकाली गई। इस दौरान देव डांगरों ने अवतरित होकर भक्तों को आशीर्वाद दिया। मेला कमेटी संरक्षक सुंदर सिंह बोहरा ने बताया कि चंद राजाओं के समय से चली आ रही परंपरा को आज भी उत्साह से मनाया जा रहा है। दो दिनी मेले में सांस्कृतिक संध्या भी होगी। पहले दिन झांकी और डोला यात्रा का आयोजन किया जाता है। डोला यात्रा दियूरी, बगेला, नायल, धौन, स्वांला, अमोड़ी होते होते हुए बेलखेत कैलपाल मंदिर पहुंची। जिसके बाद देर शाम सुप्रसिद्ध लोक कलाकारों की ओर से संस्कृति कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कल 14 जनवरी को भंडारे के साथ मेला संपन्न होगा। शुभारंभ मौके पर पूर्व प्रधान बालम सिंह, केशव जोशी, अमर सिंह, महेंद्र नेगी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे।
नि:संतान महिलाएं करती हैं रात्रि जागरण:
कैलपाल देवता को नि:संतान महिलाओं को वरदान देने वाला माना जाता है। मान्यता है कि जब किसी महिला को संतान की प्राप्ति नहीं होती है, तो रात्रि जागरण में मंदिर परिसर में जाकर कैलपाल देवता का ध्यान करने से संतान की प्राप्ति होती है। आज भी लोग इस परंपरा को मानते हुए रात्रि जागरण के दौरान कैलपाल देवता का ध्यान करते हैं।

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