लाइन में खड़े होने के बावजूद मायूस लौट रहे लोग
चंपावत जिले में कई जगह जहां सिलिंडर बंटने थे, वहां गाड़ी नहीं गई
रोस्टर के बगैर कई जगह बांट दिए सिलिंडर
देवभूमि टुडे
चंपावत। चंपावत जिले में लोगों को रसोई गैस बिना परेशानी के मिले, इसके लिए पूर्ति विभाग ने रोस्टर बनाया था। लेकिन जमीन पर इस रोस्टर का पालन नहीं हो रहा है। रोस्टर को दरकिनार कर कई मोहल्लों में गैस सिलिंडर बांटे जा रहे हैं, तो कई जगह रोस्टर होने के बाद भी सिलिंडर नहीं बंट रहे हैं। इससे लोगों को लाइन में खड़े होने के बावजूद मायूस लौट रहे हैं।
चंपावत जिले के किसी भी गैस वितरण केंद्र में सिलिंडर वितरित नहीं किए जा रहे हैं, इसके स्थान पर सभी चारों केंद्रों के फीडिंग एरिया में निर्धारित डिलीवरी प्वाइंटों के माध्यम से सिलिंडर बांटने के लिए एक सप्ताह का रोस्टर तैयार किया गया था। जारी रोस्टर के मुताबिक आज 27 मार्च को लोहाघाट के वोट हाउस में गैस सिलिंडर का वितरण होना था। सुबह से ही लोगों का हुजूम उमड़ना शुरू हो गया, लेकिन सिलिंडर की गाड़ी वहां नहीं पहुंची। इससे 77 से ज्यादा लोग मायूस लौटे।


इससे पूर्व कल 26 मार्च को टनकपुर में ककरालीगेट में सिलिंडर की गाड़ी जानी थी, लेकिन वहां भी गाड़ी नहीं पहुंची। कल बृहस्पतिवार को गोरलचौड़ वार्ड (आरएफसी गोदाम) में सिलिंडर बंटने थे, लेकिन आरएफसी गोदाम में सिलिंडर नहीं बंटे, बल्कि गोल्ज्यू मंदिर के पास सिलिंडर वितरित हुए। आरएफसी गोदाम के पास घंटों 52 लोग इंतजार करते रहे। 26 मार्च को चंपावत में रोस्टर के बगैर भैरवां वार्ड में सिलिंडर बांट दिए गए। गैस वितरण कर रहे ठेकेदार का कहना है कि वे अपने मन से नहीं, बल्कि जिला पूर्ति अधिकारी के निर्देश पर सिलिंडर वितरित कर रहे हैं।
क्या कहते हैं अधिकारी:
सिलिंडर वितरण के लिए रोस्टर का सामान्य रूप से पालन किया जा रहा है। अलबत्ता कुछ स्थानों पर मौके के हालात और लोगों की जरूरतों को देखते हुए
थोड़ा बहुत रद्दोबदल किया गया था।
प्रियंका भट्ट,
जिला पूर्ति अधिकारी, चंपावत।
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