चंपावत जिले में पर्याप्त मात्रा में हैं घरेलू गैस सिलिंडर
अलबत्ता वाणिज्यिक सिलिंडर की बिक्री पर है रोक
ऑनलाइन बुकिंग नंबर लग नहीं रहा
देवभूमि टुडे
चंपावत/लोहाघाट। चंपावत जिले में घरेलू गैस सिलिंडर की कोई कमी नहीं है, लेकिन इसके बावजूद काफी संख्या में लोगों को सिलिंडर मिल नहीं रहा है। ये विरोधाभास इसलिए कि ऑनलाइन बुकिंग नंबर से सिलिंडर बुक नहीं हो रहा है और बिना ऑनलाइन बुकिंग के सिलिंडर मिल नहीं सकता। रसोई गैस की बुकिंग नहीं होने से उपभोक्ताओं को गैस सिलिंडर नहीं मिल पा रहे हैं। इससे लोहाघाट क्षेत्र में रसोई गैस की आपूर्ति चरमराई है।


लोहाघाट गैस वितरण केंद्र के प्रबंधक उमेश सिंह बिष्ट का कहना है कि आज 11 मार्च को 250 सिलिंडर रिफिल हुए। अलबत्ता बुकिंग नहीं होने से दुश्वारी भी हो रही है। जिला पूर्ति अधिकारी प्रियंका भट्ट के मुताबिक चंपावत में गैस सिलिंडरों की कतई कमी नहीं है। पर्याप्त गैस सिलिंडर हैं। चंपावत जिले में चारों (चंपावत, लोहाघाट, देवीधुरा और टनकपुर) गैस गोदामों की कुल क्षमता 2254 सिलिंडर की है। 11 मार्च को 14.20 किलो के 2170, 10 किलो के 68, 5 किलो के 566 के अलावा 301 वाणिज्यिक सिलिंडर हैं। लेकिन इसके बावजूद कई गैस एजेंसियों में लोग परेशान हैं। एजेंसी में जा रहे हैं, लाइन में लग रहे हैं और बैरंग लौट रहे हैं। इसकी वजह ऑनलाइन गैस बुकिंग नहीं होना है। वहीं वाणिज्यिक सिलिंडर की बिक्री पर फिलहाल रोक है।
गैस सिलिंडर के नियम:
1.सिलिंडर रिफिल के बीच 25 दिन का अंतराल होना जरूरी यानी 25 दिन बाद ही दूसरा सिलिंडर रिफिल किया जा सकेगा।
2.सिलिंडर रिफिल कराने के लिए ऑनलाइन बुकिंग जरूरी है। साथ ही डीएससी नंबर दर्ज कराना भी जरूरी है।
3.वाणिज्यिक सिलिंडर की बिक्री फिलहाल पूरी तरह बंद है।
प्रबंधकों से भी हो रही अभद्रता:
चंपावत गैस वितरण केंद्र के प्रबंधक दयाल सिंह रावत, लोहाघाट के उमेश सिंह बिष्ट और टनकपुर के प्रबंधक गोविंद आर्या का कहना है कि घरेलू रसोई गैस सिलिंडर की आपूर्ति में कोई समस्या नहीं है। आपूर्ति पर्याप्त है। जो भी उपभोक्ता ऑनलाइन बुकिंग कराएंगे और डीएससी नंबर देंगे, उन्हें घरेलू रसोई गैस सिलिंडर दी जाएगी। प्रबंधकों का कहना है कि कई लोग उनसे अभद्रता भी कह रहे हैं।
क्या कहते हैं अधिकारी:
'घरेलू गैस सिलिंडर की चंपावत जिले में कमी नहीं है। ऑनलाइन बुकिंग नहीं होने की जानकारी मिल रही है। संभवत: सर्वर के ठीक से काम नहीं करने से ये दिक्कत आ रही है। इस संबंध में जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।'
प्रियंका भट्ट,
जिला पूति अधिकारी।

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