राजकीय महाविद्यालय छात्रसंघ के अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद कोहली ने 151 रुपये के बजाय 300 से 400 रुपये तक लेने का आरोप लगाया
DM सहित कई अधिकारियों को भेजा ज्ञापन
देवभूमि टुडे
चंपावत/पूर्णागिरी धाम। मां पूर्णागिरी धाम में बाल मुंडन के नाम पर तीर्थयात्रियों की जेब पर डाका डाला जा रहा है। मुंडन कार्य में 151 रुपये के बजाय 300 से 400 रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं। निर्धारित राशि से दोगुने रुपये ऐंठने के अलावा न्योछावर के नाम पर वसूली हो रहे हैं। ये तमाम आरोप टनकपुर राजकीय महाविद्यालय छात्रसंघ के अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद कोहली ने लगाए हैं। उन्होंने DM से लेकर CM तक को ज्ञापन भेज कार्रवाई की मांग की है।

छात्रसंघ अध्यक्ष का आरोप है कि पूर्णागिरी क्षेत्र में मुंडन के लिए प्रशासन द्वारा तय 151 रुपये के शुल्क के बजाय ठेकेदार द्वारा इस रकम से दोगुने से अधिक वसूले जा रहे हैं। ज्ञापन में कहा गया कि मुंडन स्थल में प्रवेश करते ही 151 रुपये लिए जा रहे हैं। इसके बाद यात्रियों को नाईयों के हवाले कर दिया जा रहा है। नाई के द्वारा बच्चों के बाल भिगोते ही 101 रुपये की मांग की जा रही है। जब मुंडन आधा हो जाता है, तो फिर बच्चों के परिजनों से न्योछावर के नाम पर फिर रुपयों की मांग की जाती है।
ज्ञापन में कहा गया है कि तड़के 4 बजे से सुबह 7 बजे के बीच मुंडन स्थल पर 151 रुपये के बजाय 250 रुपये खुलेआम पर वसूले जा रहे हैं। वहीं ठेकेदार ने तमाम आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि मुंडन कार्य नियमों के तहत हो रहा है। देवी धाम में बच्चे का मुंडन कराना शुभ माना जाता है।
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