चंपावत में हुआ वन पंचायत सरपंचों का संवाद कार्यक्रम,
सशक्तिकरण, संरक्षण और आय बढ़ाने पर चर्चा
विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे सरपंचों ने दिए सुझाव, मांग रखीं
देवभूमि टुडे
चंपावत। वन एवं पर्यावरण सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष श्याम नारायण पांडेय ने कहा कि जंगलों का संरक्षण हमारा अधिकार ही नहीं, बल्कि जिम्मेदारी भी है। कलक्ट्रेट में आज 27 मार्च को DM मनीष कुमार की अध्यक्षता में वन पंचायत सरपंचों के साथ हुए संवाद कार्यक्रम में उपाध्यक्ष पांडेय ने कहा कि जल संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। कहा कि समाज में जंगलों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करना होगा।




संवाद के दौरान पंचायतों को सशक्त बनाने, पर्यावरण, संरक्षण, जल संरक्षण को बढ़ावा देने, वन पंचायतों की आय बढ़ाने, संचालन एवं प्रबंधन से जुड़ी समस्याओं एवं सुझावों पर चर्चा की। DM ने सरपंचों के सुझाव एवं शिकायतों पर उचित कारवाई का भरोसा दिलाया विशेषज्ञों ने बताया कि जिले में कुल 568 वन पंचायतें संचालित हैं, जिनके अंतर्गत 25173.02 हेक्टेयर क्षेत्रफल आता है। वन पंचायतों का गठन वन अधिनियम की धारा 28 के अंतर्गत किया जाता है, जिसमें कुल 9 सदस्य होते हैं। इनमें 50% महिलाएं एवं 2 मनोनीत सदस्य शामिल होते हैं। सरपंच का कार्यकाल 5 वर्ष का होता है तथा कोई भी सरपंच लगातार 2 बार इस पद पर नहीं रह सकता। सरपंच संगठन के जिलाध्यक्ष दान सिंह कठायत ने बांज के जंगलों की सुरक्षा एवं वनाग्नि प्रबंधन पर जोर दिया। जौलाड़ी के नारायण दत्त ने झाड़ी कटान कर व्यवस्थित वन निर्माण का सुझाव दिया। जबकि तड़ाग के उमेश सिंह ने वन पंचायतों की चहारदीवारी एवं काला बांसा घास के नियंत्रण की मांग रखी। रिखोली के जगदीश सिंह ने पंचायत भवन निर्माण की जरूरत बताई तथा बसंत तड़ागी ने चाल-खाल एवं जल स्रोतों के जीर्णोद्धार पर बल दिया। अन्य सरपंचों ने पौधों की सुरक्षा हेतु जाल, जलवायु आधारित पौधारोपण, ओपन जिम की स्थापना, वन पंचायत भूमि पर अतिक्रमण रोकने, सुंदरीकरण तथा वन कर्मियों की सुरक्षा के लिए उपकरण उपलब्ध कराने सहित सुझाव रखे। DM ने संबंधित अधिकारियों को नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए। वन पंचायतों को सशक्त एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से आयोजित कार्यक्रम में जिले के तमाम सरपंचों ने हिस्सा लिया। इस मौके पर ADM कृष्णनाथ गोस्वामी, DDO दिनेश डिगारी, SDO सुनील कुमार, नेहा सौन, रेंजर बीएम टम्टा, हिमालय सिंह टोलिया सहित तमाम रेंजर आदि मौजूद थे।
© 2026. All Rights Reserved.