Sunday Mar 29, 2026

सैकड़ों श्रद्धालुओं दर्शन कर बने साक्षी

देवभूमि टुडे

चंपावत/गुमदेश। नेपाल सीमा से लगे गुमदेश क्षेत्र के प्रसिद्ध चैतोला मेले में आज 28 मार्च को गाजे-बाजे और गगनभेदी जयकारे के साथ चमू देवता की रथ यात्रा निकाली गई। इससे पूर्व विभिन्न गांवों से परम्परागत परिधान व आयुधों के साथ निकले जत्थों ने विशिष्ट अंदाज से वातारण को  भक्तिमय बना दिया। रथ में सवार चमू देवता के धामी राहुल धामी ने भक्तों को आशीर्वाद दिया। रथ के साथ चल रहे जत्थों और पीछे चल रहीं महिलाओं ने चमू देवता की वीर गाथा पर आधारित गीत गाए। हजारों श्रद्धालुओं ने मेले में शिरकत की। पूजा अर्चना के बाद मड़ गांव से चमू देवता के रथ को कंधों व रस्सों के सहारे चमदेवल के चमू देवता मंदिर लाया गया।   

श्रद्धालुओं ने कठिन रास्तों को पार करते हुए रस्सों के सहारे रथ को खींचा। रथ के मंदिर में प्रवेश करते ही आसपास का क्षेत्र खचाखच भर गया तथा गगनभेदी जयकारे से वातावरण गुंजायमान हो गया। देव डांगरों ने श्रद्धालुओं को चंवर गाय की पूंछ हिलाकर आशीर्वाद दिया। मेले में बरेली, पीलीभीत, मुरादाबाद, चंपावत, पिथौरागढ़, टनकपुर, अल्मोड़ा, नैनीताल, हल्द्वानी, लोहाघाट और नेपाल से भी श्रद्धालु व व्यापारी पहुंचे थे। भारी भीड़ के चलते यहां पहुंचे व्यवसायियों की भी अच्छी बिक्री हुई। देर शाम तक चमू देवता के दर्शनों के लिए मंदिर में श्रद्धालुओं की लंबी लाइन लगी हुई थी। मेले को शांतिपूर्वक संपन्न कराने में पुलिस जवानों के साथ स्थानीय युवाओं ने सहयोग किया।

आकर्षक परिधान में निकले जत्थों ने लगाए चार चांद:

चैतोला मेले के दिन शनिवार  को विभिन्न गांवों से निकले जत्थों ने मुख्य मेले में चार चांद लगा दिए। आमतौर पर रंगियाली व पिछौड़ी महिलाएं ही पहनती हैं, पर जत्थों में शामिल युवा व बुजुर्गों ने इस परिधान में सजधज कर सबका ध्यान अपनी ओर खींचा। जत्थों में शामिल लोग नगाड़ों के बाजे में हाथों में डंडे व छड़ियां लेकर उछलते हुए नृत्य कर रहे थे। पुल्ला, पोखरी, गुरेली, मडलक तथा जाख जिंडी, सिलिंग, चौपता, न्योल टुकरा व बसकुनी आदि गांवों के जत्थे आए। मेले में पहुंचे वह जिलाध्यक्ष गोविंद सिंह सामंत, रिंकू सिंह सहित तमाम अतिथियों का मेला समिति के अध्यक्ष खुशाल सिंह ने स्वागत किया। चमू देवता मंदिर में सुबह से ही पूजा-अर्चना का दौर चलता रहा। पुरोहित शंकर दत्त पांडेय, चंद्रशेखर कलौनी, मदन कलौनी, हरीश कलौनी  ने पूजा पाठ संपन्न कराई। इस दौरान मान सिंह, युगल किशोर धौनी, ग्राम मनोज सिंह, कल्याण चंद, शंकर  चंद,जोगा सिंह, लक्ष्मण सिंह, तारा सिंह, दरबान सिंह, राकेश सिंह,गुमान, डॉ. सतीश पांडेय आदि मौजूद थे।

मेले में मौजूद BJP जिलाध्यक्ष गोविंद सामंत एवं अन्य अतिथि।

सिर में पगड़ी, हाथों में डंडे लेकर पहुंचे विभिन्न गांवों के जत्थे:

चमदेवल के चौखम बाबा के चमू देवता मंदिर युद्ध का प्रतीक बनकर विभिन्न गांवों से जत्थे सिर पर बसंती रंग की पगड़ी सजाए, हाथों में डंडा लेकर पहुंचे। उन्होंने पहले चौखाम बाबा मंदिर में चमू देवता की परिक्रमा की। इसके बाद मड़गांव से आने वाले डोल को कंधा देकर चौखाम बाबा मंदिर चामू देवता  की परिक्रमा की।

पुरोहित मदन कलौनी ने बताया कि बकासुर को युद्ध में पराजित करने के बाद सम्मानपूर्वक योद्धा सिर पर पगड़ी और हाथों में डंडा लेकर विभिन्न गांवों से जत्थों के रूप खुशी मनाते हुए आते हैं। यह परंपरा क्षेत्र में चमदेवल चमू देवता की पूजा और उनके बकासुर से युद्ध की स्मृति में मनाई जाती है। यह आयोजन स्थानीय परंपरा, भक्ति और सांस्कृतिक उत्सव का हिस्सा है, जिसमें जत्थे योद्धा देवता की जीत का सम्मान करते हैं। चमू बाबा  का प्राचीन मंदिर गुमदेश क्षेत्र में स्थित है और क्षेत्र में उनकी पूजा व्यापक रूप से होती है।




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