Sunday Mar 8, 2026

आधे सफर के बाद चंपावत में बस दे गई जवाब

25 मुसाफिरों को झेलनी पड़ी फजीहत, यात्रियों में गुस्सा

टनकपुर से नैनीताल चलने वाली बस को भेजा था पिथौरागढ़

देवभूमि टुडे

चंपावत/टनकपुर। चंपावत को Model District बनाने के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन रोडवेज की सेवाएं इस दावे की लगातार धज्जियां उड़ा रही है। कभी बस का ब्रेक फेल, कभी चलती बस से धुआं निकलता है, और बस का बीच रास्ते बंद होना तो खैर अब रूटीन सा हो गया है। ऐसा ही एक वाकया है शुक्रवार का।

टनकपुर से नैनीताल चलने वाली बस (07PA 3125) को टनकपुर से 150 किमी दूर पिथौरागढ़ भेजा गया था। मगर बस ने अभी आधी दूरी ही तय की थी, कि बस के 'हाथपांव' फूल गए। चंपावत स्टेशन पहुंचते-पहुंचते बस खराब हो गई। पिथौरागढ़ की ओर जा रहे यात्रियों को फजीहत झेलनी पड़ी। उनका सब्र का बांध टूट गया। बस के स्टाफ से गरमागरमी भी हुई। लंबे इंतजार के बाद दूसरी बस में शिफ्ट कर उन्हें आगे रवाना किया गया।

रोडवेज प्रबंधन का दावा हमेशा की तरह यही कि बस को तकनीकी जांच के बाद भेजा गया था। बस में एकाएक कैसे खराबी आई, इसकी जांच कराई जाएगी।

 

300 करोड़ के 2 आधुनिक स्टेशन बन रहे:

भले ही आदर्श जिले के 2 डिपो टनकपुर और लोहाघाट के बसों की भारी कमी हो, लेकिन इसी जिले में बसों की उपलब्धता से ज्यादा जरूरी है भारी भरकम बस स्टेशन। ये कहना था कई फंसे यात्रियों का। इन दोनों डिपो में 30% बसों की तत्काल जरूरत है। बसों की मांग भेजी भी गई है, लेकिन मिल नहीं रही है। वहीं 236 करोड़ रुपये से टनकपुर में ISBT निर्माणाधीन है और 62 करोड़ रुपये से चंपावत के बस स्टेशन को बहुआयामी आधुनिक सुविधा देका City Centre बनाया जाएगा। लेकिन इन सबके बीच इस सवाल का उत्तर किसी के पास नहीं है कि बसें कब मिलेंगी और यात्रियों को बीच मंझधार में न फंसना पड़ा, इसे कब तक सुनिश्चित किया जाएगा।




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