चंपावत के घाटोत्कच मंदिर के पास के आरक्षित वन में जिला गंगा समिति के तत्वावधान में हुआ स्वच्छता अभियान
सफाई अभियान में वन विभाग ने 8 कुंतल ठोस अपशिष्ट का निस्तारण किया
देवभूमि टुडे
चंपावत। जिला गंगा समिति के तत्वाधान में घटोत्कच मंदिर के समीप आरक्षित वन में एक विशेष स्वच्छता अभियान एवं जन-जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया। 31 मार्च तक संचालित गंगा स्वच्छता पखवाड़ा के अंतर्गत केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के निर्देशों के अनुपालन में हुए कार्यक्रम की शुरुआत स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण पर केंद्रित जागरूकता अभियान के साथ हुई।





वक्ताओं ने कहा कि जल स्रोत एवं वन केवल प्राकृतिक धरोहर ही नहीं, बल्कि जीवन का आधार हैं। जिनकी स्वच्छता बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। प्रतिभागियों ने घटोत्कच मंदिर के समीप आरक्षित वन क्षेत्र के प्रत्येक हिस्से में सफाई करते हुए लोगों को प्लास्टिक एव अन्य अपशिष्ट को निर्धारित कूड़ेदानों में ही डालने और कम उपयोग-पुन: उपयोग-पुनर्चक्रमण (reduce, reuse, recycle) की जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
वक्ताओं ने कहा कि जन सहभागिता ही पर्यावरण संरक्षण की सबसे बड़ी शक्ति है। यह पहल न केवल गंगा एवं उसकी सहायक नदियों के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं स्वस्थ पर्यावरण सुनिश्चित करने का भी सशक्त माध्यम है। सघन सफाई अभियान में करीब 8 कुंतल ठोस अपशिष्ट एकत्र किया गया। एकत्र कचरे को नगर पालिका ने ललुवापानी रोड स्थित ट्रेंचिंग ग्राउंड में पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप निस्तारण के लिए भेजा गया। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को गंगा स्वच्छता शपथ दिलाई गई। सभी ने गंगा एवं इसकी सहायक नदियों को स्वच्छ एवं अविरल बनाए रखने, जल स्रोतों में कचरा न डालने और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार नागरिकों के रूप में आचरण करने का संकल्प लिया। जिला गंगा समिति के अध्यक्ष डीएम मनीष कुमार के निर्देशों के क्रम में उप प्रभागीय वनाधिकारी सुनील कुमार एवं वन क्षेत्राधिकारी ब्रजमोहन टम्टा के कुशल निर्देशन में हुए अभियान में 70 लागों ने हिस्सा लिया।
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