आपसी सुलह से त्वरित निस्तारण पर जोर
जिले की सभी पांचों तहसीलों में राजस्व लोक अदालत का आयोजन
देवभूमि टुडे
चंपावत। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के अनुपालन में आज 28 मार्च को जिले की सभी पांचों तहसीलों में ‘राजस्व लोक अदालत’ का आयोजन किया गया। इस पहल का उद्देश्य न्यायालयों में लंबित पुराने मामलों का शीघ्र निस्तारण करते हुए लोगों को त्वरित एवं सुलभ न्याय उपलब्ध कराना था। विशेष अभियान के अंतर्गत तहसीलदार, SDM एवं ADM न्यायालयों में सुनवाई करते हुए आपसी सुलह एवं सहमति के आधार पर मामलों का निस्तारण किया गया। जिले में कुल 80 से अधिक राजस्व वादों पर सुनवाई हुई, जिनमें अधिकांश मामलों का समाधान आपसी समझौते से किया गया।

तहसील स्तर पर चम्पावत में 6 में से 6, लोहाघाट में 6 में से 4, पूर्णागिरि (टनकपुर) में 5 और पाटी में 2 में से 2 वादों का निस्तारण किया गया। उप जिलाधिकारी न्यायालयों में चम्पावत में 7 के सापेक्ष 11, लोहाघाट में 14 में से 13, पूर्णागिरि (टनकपुर) में 7 में से 7 और पाटी में 2 में से 1 वाद का निस्तारण हुआ। ADM न्यायालय में भी 3 में से 2 वादों का निस्तारण किया गया।
DM मनीष कुमार ने बताया कि जनपद के सभी तहसीलों को ‘राजस्व वाद मुक्त’ बनाने की दिशा में प्रशासन प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है। उन्होंने लोगों से अपने लंबित राजस्व मामलों का निस्तारण आपसी सुलह एवं समझौते के माध्यम से कराने की अपील की। कहा कि लोक अदालत न केवल समय एवं धन की बचत करती है, बल्कि सामाजिक सौहार्द को भी मजबूत बनाती है।



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