Sunday Apr 19, 2026

जनकवि प्रकाश जोशी शूल

बेटी भी एक इंसान होती है ये मत भूलो,

इसमें भी जान होती है ये मत भूलो।

बेटे को तरकस मानने वालो! सुन लो,

बेटी भी कमान होती है ये मत भूलो।

बेटे के जनम पर इतराने वालो! तुम भी सुन लो,

बेटी भी एक शान होती है ये मत भूलो।

अगर! बेटा एक कुल का तो दो-दो कुलों की,

बेटी भी पहचान होती है ये मत भूलो।

भोग-विलास में बेटा, तो त्याग में अक्सर बेटी ही कुरबान होती है,  ये मत भूलो।

देते हो क्यों तुम उन्हें गर्भ में ही शूल हे नराधम,

बेटी भी एक संतान होती है ये मत भूलो।

 

निवासी: क्वेरालाघाटी, चंपावत

संयोजक, बिटिया बचेगी (तो) कुटिया बचेगी...जनजागरूकता अभियान।

जनकवि प्रकाश जोशी शूल।




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