चारधाम यात्रा ड्यूटी का कल 15 अप्रैल से काला फीता बांध कर रहे हैं विरोध
चारधाम यात्रा मार्ग में ड्यूटी करने वाले कुमाऊं के फार्मेसी अधिकारियों के विगत वर्षों के करीब 20 लाख के यात्रा भत्तों का भुगतान नहीं हुआ, यात्रा मार्ग में सेवा देने वाले स्वास्थ्य कर्मियों के लिए भोजन और आवास की व्यवस्था भी दयनीय
देवभूमि टुडे
चंपावत। डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन उत्तराखंड (राजकीय फार्मेसी सेवा संघ उत्तराखंड) ने आज 16 अप्रैल को लगातार दूसरे दिन भी बांह पर काला फीता बांधकर विरोध दर्ज कराया।एसोसिएशन ने कहा कि फिलहाल जिले के सभी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में फार्मेसी अधिकारी आक्रोश के साथ जिम्मेदारी निभा रहे हैं।
जिला अस्पताल के जिला फार्मेसी अधिकारी कैलाश चंद्र नैनवाल, वरिष्ठ फार्मेसी अधिकारी तान सिंह, उपाध्यक्ष मनोज पुनेठा, प्रमोद कुमार पांडेय, टनकपुर में वरिष्ठ फार्मेसी अधिकारी जगदीश सिंह कुंवर, महेश भट्ट, अनिल गड़कोटी, संजय विश्वकर्मा, लोहाघाट में वरिष्ठ फार्मेसी अधिकारी मुकुल राय, किरण राय, सुनीता पाटनी, पाटी में प्रकाश सिंह खड़ायत, वरिष्ठ उपाध्यक्ष योगेश कन्नौजिया, मनोज कुमार आर्या, भूपेश जोशी, कुलदीप राय, मृत्युंजय वर्मा, सुरेश पाटनी, त्रिभुवन उप्रेती, मनोज वर्मा, दीपक गिरी, नवीन गोस्वामी, राजेश वर्मा, गिरीश खर्कवाल, सुरेंद्र गोस्वामी, मनोज टम्टा,प्रेम टम्टा, प्रीतम लाल, ममता विश्वकर्मा, निर्मला ओली, ज्योतिश्री गहतोड़ी, प्रकाश भट्ट, दीपा धामी, शेखर सिंह सहित जिले के तमाम फार्मेसी अधिकारियों ने काला फीता बांध विरोध व्यक्त किया।
बताया गया कि विगत वर्षों में चारधाम यात्रा मार्ग में ड्यूटी करने वाले कुमाऊं मंडल के फार्मेसी अधिकारियों के करीब 20 लाख रुपये की राशि के यात्रा भत्तों का भुगतान अभी तक लटके हैं। इसके अतिरिक्त यात्रा मार्ग में सेवा देने वाले स्वास्थ्य कर्मियों के लिए भोजन और आवास की व्यवस्था भी बेहद दयनीय है। संगठन ने इससे पूर्व 20 मार्च को इस संबंध में पत्र भेजा था, लेकिन विभागीय स्तर पर कोई ठोस कार्यवाही नहीं की गई। आंदोलन चरणबद्ध तरीके से चल रहा है। काला फीता बांध 15 अप्रैल से शुरू यह विरोध 25 अप्रैल तक चलेगा। कहा कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो आंदोलन उग्र होगा।

एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष विष्णु गिरी गोस्वामी ने कहा कि
"हम जनसेवा के लिए सदैव तत्पर रहते हैं, लेकिन हमारी बुनियादी सुविधाओं और हक की अनदेखी की जा रही है। 20 मार्च को पत्र के माध्यम से विभाग को चेताया था, लेकिन प्रशासन की चुप्पी ने हमें आंदोलन के लिए मजबूर कर दिया है। यदि समय रहते भुगतान और व्यवस्थाएं नहीं सुधरीं, तो हम यात्रा ड्यूटी का पूर्ण बहिष्कार करेंगे।"
जिला मंत्री रोशन लाल ने कहा कि "यात्रा मार्ग पर हमारे साथियों को बुनियादी सुविधाएं तक नहीं मिल पा रही हैं। आवास और भोजन की व्यवस्था दयनीय है। अभी हम शांतिपूर्ण तरीके से काला फीता बांधकर काम कर रहे हैं, ताकि मरीजों को दिक्कत न हो, लेकिन हमारी सहनशीलता को कमजोरी न समझा जाए।"
इस तरह से होगा आंदोलन:
25 अप्रैल तक: कार्यस्थल पर काला फीता बांधकर विरोध। (सेवाएं सुचारु रहेंगी)
26 अप्रैल से 3 मई: काला फीता बांधने के साथ-साथ CMO कार्यालय के बाहर सांकेतिक धरना-प्रदर्शन।
4 मई से 14 मई: रोज सुबह 8 बजे से 10 बजे तक दो घंटे का पूर्ण कार्य बहिष्कार।
15 मई से: चारधाम यात्रा ड्यूटी का पूर्ण बहिष्कार ।







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