दो सूत्रीय मांग को लेकर विधायक खुशाल सिंह अधिकारी के माध्यम से CM को भेजा ज्ञापन
देवभूमि टुडे
चंपावत/लोहाघाट। दो सूत्रीय मांगों की अनदेखी से उत्तराखंड पेयजल संसाधन विकास एवं निर्माण निगम (उत्तराखंड पेयजल निगम) के कर्मियों में नाराजगी है।अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त समन्वय समिति के बैनरतले उन्होंने आज 20 फरवरी को लोहाघाट के विधायक खुशाल सिंह अधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा।

कर्मचारियों का कहना है कि निगम राज्य की पेयजल आपूर्ति, सीवरेज जैसी महत्वपूर्ण सेवाओं का संचालन कर आम जनता को सुविधा प्रदान करने में अहम भूमिका निभा रहा है, लेकिन उनकी मुख्य मांगें वर्षों से लंबित पड़ी हैं। पेयजल निगम को पूर्ण रूप से राजकीय विभाग घोषित किया जाए।
राजकीय विभाग घोषित होने तक कर्मचारियों के वेतन और पेंशन का आहरण सीधे कोषागार से निर्गत किया जाए। यह मांगें न केवल कर्मचारियों की आर्थिक सुरक्षा से जुड़ी हैं, बल्कि निगम के सुचारू संचालन और सेवाओं की निरंतरता के लिए भी महत्वपूर्ण है। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि मौजूदा व्यवस्था में वेतन आदि में देरी और अनियमितता बनी रहती है, जिससे उनका मनोबल गिर रहा है। ज्ञापन देने वालों में जितेंद्र कर्नाटक, गौरव धानिक, कमलेश त्रिपाठी, सूरज भट्ट, कन्हैया लाल वाल्मिकी, ललित मोहन भट्ट, अंकित कुमार, प्रहलाद सिंह और कमलेश उप्रेती शामिल थे।
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