1 मार्च को जंगल में घास लेने गई बाराकोट की महिला को बुरी तरह घायल करने के बाद लगाया गया था पिंजरा
नर गुलदार की उम्र 3 से 4 वर्ष के बीच
देवभूमि टुडे
चंपावत/बाराकोट। बाराकोट के गांव में लगाए गए पिंजरे में आखिरकार गुलदार कैद हो गया। गुलदार ने 1 मार्च को चारा लेने जंगल गई महिला को हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया था। इस घटना के तुरंत बाद विभाग ने गुलदार को कैद करने के लिए पिंजरा लगा दिया था, लेकिन उसके बाद गुलदार पिंजरे के आसपास नहीं फटका।
आज 14 मार्च की सुबह गुलदार के कैद होने की सूचना के बाद लोगों ने राहत की सांस ली है। वन क्षेत्राधिकारी आरके जोशी ने बताया कि रविवार सुबह विभाग को गुलदार के पिंजरे में फंसे होने की जानकारी मिली। जिसके बाद विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर गुलदार को पिंजरे के साथ क्षीणा वन चौकी पहुंचाया। पिंजरे में कैद नर गुलदार की उम्र 3 से 4 साल के बीच है। गुलदार को रेस्क्यू सेंटर भेजा जा रहा है। गुलदार ने 1 मार्च को जंगल में पशुओं के लिए चारा लेने गई बाराकोट गांव की तुलसी देवी पर हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया था। तुलसी देवी इलाज के बाद स्वस्थ्य होकर घर लौट चुकी हैं। इससे पूर्व ओखलंज,और च्यूरानी गांव में भी गुलदार पिंजरे में कैद हो चुके हैं। कैद हुआ गुलदार महिला पर हमला करने वाला ही है, अभी इसकी पुष्टि नहीं हुई है।
वन विभाग ने लोगों से अभी भी सावधानी बरतने की अपील की है। पिंजरे के साथ गुलदार को छीणा रेंज कार्यालय लाने वाली टीम में नंदा बल्लभ भट्ट, प्रकाश गिरी, रमेश त्रिवेदी, राजेंद्र भट्ट, गोकुल सिंह, दीवान सिंह, केशव दत्त आदि वनकर्मी शामिल थे।
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