दो दिन तक चले महोत्सव में 10 होली टीमों ने होली गायन के रंग बिखेरे
'तेरे बांके मुकुट की छवि न्यारी'
देवभूमि टुडे
चंपावत। कलश संगीत कला समिति द्वारा दीवान सिंह लडवाल स्टेडियम में आयोजित दो दिनी होली महोत्सव संपन्न हो गई। दूसरे व अंतिम दिन 25 फरवरी को पांच टीमों ने होली का गायन किया।
आज बुधवार को कलश संगीत कला समिति के अध्यक्ष हिमेश कलखुड़िया दी अध्यक्षता और
राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य डॉ. भुवन चंद्र जोशी व सामाजिक कार्यकर्ता राजेंद्र गहतोड़ी में हुए कार्यक्रम में मुख्य अतिथि नगर पालिका अध्यक्ष प्रेमा पांडेय ने महोत्सव का समापन किया। विशिष्ट अतिथि विधायक प्रतिनिधि प्रकाश तिवारी, पूर्व जिला पंचायत सदस्य मुकेश महराना, प्रधानाचार्य उमेद सिंह बिष्ट, सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक धरम सिंह अधिकारी, वरिष्ठ भाजपा नेता सतीश पांडेय, ग्राम प्रधान रेखा भट्ट, नीमा भट्ट, रजनी नरियाल, कलश संगीत कला समिति के उपाध्यक्ष प्रेम बल्लभ भट्ट, महेश जोशी, दिनेश बिष्ट, संतोष पांडेय, गिरीश पंत, प्रकाश पांडेय आदि मौजूद थे।





इन टीमों ने पेश किए होली गीत...
आदर्श होली कमेटी बिस्ज्युला खर्क ने निर्देशक कीर्ति बल्लभ खर्कवाल और गिरीश खर्कवाल के निर्देशन में-ठाड़ी जो देखु वाट, मेरो सय्यां निरमोही कब' व 'तेरे बांके मुकुट की छवि न्यारी'
आदर्श होली समिति छतार ने निर्देशक नवीन चंद्र पंत और प्रेमा चिलकोटी के निर्देशन में- 'ठाकुर मिलने आयो सुदामा'
व 'थाकड़ थप्या थय्या हो'
आदर्श होली समिति सिमल्टा कांडा ने निर्देशक मनोज भट्ट व कमल पांडेय के निर्देशन में-'भला मोहन नंदलाल' व 'बलिय बार मधु पीपलो'
आदर्श होली समिति खर्ककार्की के निर्देशक बसंत लाल और भैरव सिंह कार्की के निर्देशन में-'राजा बलि के हो' व ' हमें उतारो पार मल्हा' होती गीत प्रस्तुत किए।




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