सचिव दीपेंद्र चौधरी ने जारी किया आदेश
शासन ने सभी विभागों को भेजा पत्र
कर्मियों को चरणबद्ध तरीके से मिलेगा लाभ
देवभूमि टुडे
चंपावत/देहरादून। 10 साल की सेवा पूरी कर चुके UPNL (उत्तराखंड पूर्व सैनिक कल्याण निगम) के माध्यम से विभिन्न विभागों में कार्ययोजित आउटसोर्स कर्मियों को समान काम के लिए समान वेतन दिया जाएगा।शासन ने इस संबंध में आज 3 फरवरी को आदेश जारी कर दिया है। UPNL कर्मचारी महासंघ के मुताबिक करीब 11 हजार कर्मियों को इस आदेश का लाभ मिलेगा। वैसे प्रदेश के विभिन्न विभागों में UPNL के जरिए 22 हजार से ज्यादा कर्मी कार्यरत हैं।




UPNL कर्मचारी काफी समय से नियमितिकरण और समान काम-समान वेतन देने की मांग कर रहे थे। बाद में कर्मियों ने इसे लेकर जनहित याचिका दायर की थी। जिस पर उच्च न्यायालय नैनीताल ने 12 नवंबर 2018 को आदेश जारी किया था कि कर्मचारियों को एक साल के भीतर चरणबद्ध तरीके से नियमित किया जाए। उन्हें महंगाई भत्ता सहित न्यूनतम वेतनमान दिया जाए। लेकिन सरकार इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट चली गई थी। सुप्रीम कोर्ट में सरकार की SLP (विशेष अनुमति याचिका) अक्टूबर 2024 में खारिज होने के बाद सरकार ने मंत्रिमंडल की उप समिति का गठन किया। इसी उप समिति की सिफारिश पर कर्मचारियों को समान काम के लिए समान वेतन दिए जाने का निर्णय लिया गया है।
सचिव दीपेंद्र कुमार चौधरी द्वारा आज 3 फरवरी को जारी आदेश में कहा गया है कि UPNL कार्मिक जो वर्तमान में जिस पद पर कार्यरत हैं, को उस पद के सापेक्ष वेतनमान का न्यूनतम एवं महंगाई भत्ता दिए जाने के लिए उच्च न्यायालय नैनीताल जनहित याचिका में पारित आदेश की तिथि 12 नवंबर 2018 को पात्रता की कट ऑफ डेट माना जाएगा।
आदेश में कहा गया है कि राज्य की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए UPNL के जरिए कार्यरत कर्मचारियों को चरणबद्ध रूप से पद के सापेक्ष समान काम के लिए समान वेतन मिलेगा।
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