टनकपुर-पूर्णागिरी मार्ग पर बढ़ा खतरा
उचौलीगोठ गांव में गुरुवार की रात दो बार गांव में घुसा हाथी, गेंहू की फसल रौंदी
देवभूमि टुडे
चंपावत/टनकपुर। टनकपुर के छीनीगोठ तल्ली और छीनीगोठ मल्ली के अलावा टनकपुर-पूर्णागिरी मार्ग से सटे उचौलीगोठ में हाथी लगातार फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। पूर्णागिरी मार्ग से लगे उचौलीगोठ गांव में पिछले 10 दिन से हाथी लगातार आतंक मचा रहा है। 12 मार्च की रात जहां हाथी ने उचौलीगोठ गांव में उत्पात मचाया, वहीं वह पूर्णागिरि मार्ग पर विचरण करता हुआ दिखाई दिया। गजराज की दस्तक ने मां पूर्णागिरी धाम आने-जाने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा की चिंता भी बढ़ा दी है।

उचौलीगोठ गांव से लगे पूर्णागिरी मार्ग से होकर इन दिनों रात और दिन श्रद्धालु मां पूर्णागिरी देवी के दर्शन के लिए जा रहे हैं।अधिकांश श्रद्धालु रात के वक्त पैदल चल रहे हैं। इस मार्ग पर हाथियों से अक्सर खतरा रहता है। टैक्सी यूनियन के अध्यक्ष आनंद महर ने बताया कि एक अकेला हाथी पिछले 10 दिन से रात के वक्त उचौलीगोठ गांव में धमक रहा है। गुरुवार की रात हाथी ने जबर्दस्त उत्पात मचाया। रात 10:30 बजे उसने किसान श्याम सिंह महर और हरीश सिंह महर की गेंहू की फसल रौंद दी। जिसकी सूचना वन विभाग को दी गई। वन कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर हाथी को जंगल की ओर भगाया, लेकिन देर रात 1:30 बजे हाथी फिर से गांव में आ धमका। ग्रामीण त्रिलोक सिंह महर, सुरेश सिंह महर आदि का कहना है कि उचौलीगोठ से होकर ही पूर्णागिरि मार्ग पड़ता है, जो जंगल से होकर जाता है। पिछले कुछ दिनों से लगातार हाथी की दस्तक मां पूर्णागिरि जाने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए भी खतरा बन गई है। नागरिकों ने वन विभाग से पूर्णागिरि मार्ग पर सुरक्षा के इंतजाम करने और रात्रि गश्त बढ़ाने की मांग की है। साथ ही उचौलीगोठ के किसानों को हुए फसलों के नुकसान का मुआवजा देने की मांग की है।
पिछले ही महीने 19 फरवरी को ककरालीगेट से कुछ दूरी पर हाथी ने चारा लेने जंगल गई टनकपुर नई बस्ती की एक महिल को कुचल कर मार दिया था।उधर वन विभाग का कहना है कि टनकपुर-पूर्णागिरि मार्ग सहित आसपास के गांवों में गश्त बढ़ा दी गई है। श्रद्धालुओं से रात के समय यात्रा के दौरान सावधानी बरतने की अपील की जा रही है।
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