टनकपुर सरस कॉर्बेट महोत्सव के सांस्कृतिक कार्यक्रम
देवभूमि टुडे
चंपावत/टनकपुर। सरस कॉर्बेट महोत्सव की में पांचवीं सांस्कृतिक संध्या लोक परंपराओं, आस्था, भक्ति और आधुनिक कुमाऊंनी लोक संगीत के सुरों की साक्षी बनी। UNESCO (संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन) की ओर से अमूर्त सांस्कृतिक विरासत के रूप में मान्यता प्राप्त उत्तराखंड की लोक परंपरा रम्माण की प्रस्तुति विशेष आकर्षण का केंद्र रही। गोपीनाथ संगीतशाला समिति, गोपेश्वर की ओर से प्रस्तुत रम्माण ने पारंपरिक मुखौटों, विशिष्ट वेशभूषा और लोकनृत्य की अनूठी शैली के माध्यम से देवभूमि की सांस्कृतिक आत्मा को प्रदर्शित किया। भक्ति और आदर्श से ओतप्रोत रामकथा का भी मंचन किया गया।





त्रि-देवाशीष नृत्य एवं नाट्य अकादमी, लखनऊ ने तनुजा ओली के नेतृत्व में रामायण की भव्य नाट्य प्रस्तुति दी। लोकगायक विजय मेहता ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। ललित गीत्यार ने-शौक्याणी और मेरी ओ पहाड़न..., जैसे गीतों से दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। लोक गायक स्वाति भट्ट ने-स्वाणी मुखड़ी..., गीत की शानदार प्रस्तुति दी। हरु जोशी ने-खिमली इजा और पहाड़ो ठंडो पाणी...,गीतों की प्रस्तुति देकर दर्शकों की वाहवाही लूटी। सुपरस्टार कुमाऊंनी लोकगायक ललित मोहन जोशी की दमदार प्रस्तुति-राइफल मेरी कानी मा, रुकमा रुक्मणी, ना जाए भावना, ओ रे मोहना और घिस ले जरा पोडर..., जैसे सुपरहिट गीतों की श्रृंखला प्रस्तुत की। कलाकार लछु दा कि जीवंत प्रस्तुति ने भी दर्शकों को थिरकने को मजबूर कर दिया।
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