खेल-खेल में सीखने की प्रवृत्ति पैदा करेगा 'निपुण का संगीत'
शिक्षक जगदीश चन्द्र गहतोड़ी द्वारा लिखी गई पुस्तक का विमोचन उप शिक्षाधिकारी संजय कुमार भट्ट, जागृति सेवा मिशन के संस्थापक सतीश पांडेय, समाजसेवी राजेश बिष्ट की मौजूदगी में हुआ विमोचन
देवभूमि टुडे
चंपावत/देवीधुरा। मां वाराही धाम की धरती देवीधुरा के GIC में 'निपुण का संगीत' पुस्तक का विमोचन हुआ। पाटी ब्लॉक में कार्यरत शिक्षक जगदीश चन्द्र गहतोड़ी द्वारा लिखी गई इस पुस्तक का विमोचन पाटी के उप शिक्षा अधिकारी संजय कुमार भट्ट, जागृति सेवा मिशन के संस्थापक सतीश पांडेय, गौ सेवक व समाज सेवी राजेश बिष्ट, प्राथमिक शिक्षक संघ के ब्लॉक अध्यक्ष प्रकाश जोशी, मंत्री गीता जोशी, सरस्वती शिशु मंदिर देवीधुरा के प्रधानाध्यापक नवीन चंद्र सोराड़ी, राजकीक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष जगदीश अधिकारी, इंटर कॉलेज देवीधुरा की प्रधानाचार्या भावना आर्या, क्षेत्र पंचायत सदस्य ईश्वर सिंह, राज्यपाल पुरस्कार प्राप्त शिक्षक खड़क सिंह बोहरा सहित कई शिक्षक व समाजसेवियों की मौजूदगी में किया गया।
कहा गया कि यह पुस्तक नन्हे-मुन्ने बच्चों में खेल-खेल में सीखने की प्रवृत्ति पैदा करेगी। कार्यक्रम में शिक्षक उत्तम नाथ, पान सिंह मेहता, किरन पंगरिया, प्रकाश उपाध्याय, नवीन सिंह बिष्ट, जगदीश प्रसाद, रंजन कफलटिया आदि मौजूद थे।

'निपुण का संगीत' है खेल-खेल में ज्ञान का संगीत:
शिक्षक जगदीश चंद्र गहतोड़ी द्वारा रचित काव्य संग्रह निपुण का संगीत में 38 कविताएं हैं। निपुण विचार, निपुण का ढोल, निपुण का पथ, निपुण की सरगम, निपुण बनें हम, निपुण का लक्ष्य, निपुण के गीत निपुण की भाषा, निपुण की बात चली, निपुण बनेंगे हम, निपुण विद्यालय, निपुण का संगीत, जय-जय निपुण, अपना निपुण भारत, मनकों से माला तक : निपुण भारत, कोशिश, बचपन का सत्कार, बन अभय, भाषा और गणना, मूलभूत सिद्धान्त, निश्चित होगा चमत्कार, सीख लो तुम सीख लो, नई तस्वीर, पढ़ने की आदत डालो, अ से अ: तक, स्वरमाला, स्वर के मोती, आत्मीयता, गणित एक उपहार, सुनना, बोलना, पढ़ना, लिखना, बचपन, प्रतियोगिता का भाव, क्रियात्मक शोध, मातृभाषा में उन्नति, लेखन, विद्यालय की संस्कृति, कर्तव्य, बाल केंद्रित शिक्षण और मेरे लाल कविता के माध्यम से बच्चों को सरल तरीके से पढ़ने और सीखने के लिए प्रेरित करना है।
नई शिक्ष नीति 2020 के तहत निपुण भारत मिशन का उद्देश्य 2026-27 तक कक्षा 3 के अंत तक प्रत्येक बच्चे के लिए मूलभूत साक्षरता और संख्या ज्ञान सुनिश्चित करना है। जुलाई 2021 को शुरू की गई NEP की यह पहल 3-9 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए 3 वर्षीय प्री-स्कूल से कक्षा 3 तक के अधिगम लक्ष्यों को पूरा करने पर केंद्रित है। इन्हीं लक्ष्यों के दृष्टिगत शिक्षक जगदीश चंद्र गहतोड़ी ने निपुण का संगीत के जरिए बच्चों में खेल-खेल में सीखने की प्रवृत्ति पैदा करने का प्रयास किया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के कार्यक्रम निपुण भारत के अंतर्गत बुनियादी साक्षरता एवम संख्या ज्ञान पर आधारित यह काव्य संग्रह शिक्षण, अधिगम, शिक्षक, बच्चे, विद्यालय, विद्यालय की संस्कृति आदि विषयों को समाहित करने का नायाब प्रयास है।



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