सरकार के खिलाफ गरजीं आंगनवाड़ी कार्यकर्ता
मानदेय में वृद्धि को लेकर 4 अप्रैल से धरना दे रही आंगनवाड़ी कार्यकर्ता
देवभूमि टुडे
चंपावत/लोहाघाट। 4 अप्रैल से धरना दे रही आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रशासन ने आज 9 अप्रैल को तहसील परिसर से हटा दिया। जिसके बाद आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सेविका मिनी कर्मचारी संगठन की जिलाध्यक्ष मीना बोहरा के कार्यकर्ताओं ने रामलीला मैदान में धरना दिया। नाराज कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। आंदोलन को समर्थन देने के लिए उत्तराखंड क्रांति दल की जिला कार्यकारिणी टीम भी पहुंची। आंगनवाड़ी कार्यकताओं ने मानदेय 9300 रुपये से बढ़ाकर 24 हजार करने सहित विभिन्न मांगों को लेकर छठे दिन भी धरने पर बैठी रहीं।
उत्तराखंड क्रांति दल जिलाध्यक्ष दीपेश शर्मा, जिला प्रभारी प्रहलाद सिंह मेहता, विपिन शर्मा, राजेंद्र पुनेठा, गजेंद्र बोहरा, मनीष पंत और संजय पंत पहुंच सरकार से मांगों को पूरा करने की मांग उठाई। जिलाध्यक्ष मीना बोहरा ने कहा कि जब तक उनकी 24 हजार रुपया मानदेय, बायोमैट्रिक हटाने, अनियमित वेतन भुगतान को नियमित कर समय पर मानदेय देने, सेवानिवृत्त होने पर 10 लाख रुपये की एकमुश्त धनराशि देने, विभाग में रिक्त पदों पर जिलेवार के आधार पर कार्यकर्ताओं की पदोन्नति सुनिश्चित करने की मांग पूरी नहीं होती वह धरने पर बैठी रहेंगी। कविता पंत, मीना चौबे, विमला पाटनी, मीरा सामंत, निशा आर्या, निशा आर्या, मीना मुरारी, माया फर्त्याल, प्रभा जोशी, सीता लुंठी, माया गिरी, तुलसी बिष्ट, माया गिरी, मनोहरी बोहरा, समीना बानो, गीता बिष्ट, मीनाक्षी देवी, निर्मला जोशी, उषा कुंवर, हीरा बोहरा आदि ने धरना दिया।
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