Wednesday Feb 4, 2026

बसों का भारी टोटा, फिटनेस पर भी सवाल, रास्ते में यात्रियों को दगा दे रही बसें

जहां डिपो नहीं वहां भी बन रहा करोड़ों का स्टेशन

Model बसों को तरसा Model District

देवभूमि टुडे

चंपावत। चंपावत Model District है, कितना मॉडल और किन मायनों में मॉडल है, इसे लेकर गहरे सवाल हैं। मगर यह तय है कि मॉडल जिले में रोडवेज बसें मॉडल नहीं हैं। कितनी बसें मंजिल से पहले रास्ते में खड़ी हो रही हैं? अब इसकी गिनती के भी कोई मायने नहीं रह गए। एक बस का ब्रेक फेल, एक बस के इंजन से धुंआ, ये दोनों वाकये 2026 के जनवरी माह के है। और कल 29 जनवरी को ही काशीपुर से लोहावाट जा रही रोडवेज की एक बस चंपावत पहुंचते-पहुंचते हांफ गई। बस बीच स्टेशन में खड़ी हो गई।

बात की शुरुआत बस और बस स्टेशन से की जाए। चंपावत जिले में 2 डिपो टनकपुर व लोहाघाट हैं। लोहाघाट में मानक पूरा कर चुकी 11 बसें सड़क पर चल रही है। फिटनेस से जूझ रहीं कई बसें भी रोड पर दौड़ रही हैं। यानी कि बसों की भारी कमी है। पिथौरागढ़, टनकपुर व लोहाघाट डियो के लिए 80 बसों की मांग भी की गई है।

बसों के उल्ट बस स्टेशन में करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। टनकपुर का ISBT (अंतर्राज्यीय बस टर्मिनल) 236 करोड़ रुपये से निर्माणाधीन है। वहीं डिपोविहीन चंपावत के स्टेशन के कायाकल्प के लिए 60 करोड़ रुपयों से आधुनिक बस स्टेशन बनेगा।

करोड़ों खर्च कर बनाए जा रहे भव्य स्टेशनों का फायदा यात्रियों को बसों की भारी कमी के बीच कैसे मिलेगा ? इनके उत्तर से ही निगम की दशा व दिशा तय होगी। फिलहाल इस मामूली सवाल का जवाब नहीं मिल सका है।

चंपावत स्टेशन में 29 जनवरी को खराब रोडवेज बस।

 

रोडवेज बसों की बदहाली की बानगी:

19 जनवरी: काशीपुर जा रही एक बस का लोहाघाट स्टेशन से निकलते ही ब्रेक फेल हो गया था।

29 जनवरी: काशीपुर से लोहाघाट जा रही बस तकनीकी खामी से चंपावत स्टेशन में खड़ी हुई।

29 जनवरी: टनकपुर- पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर अमोड़ी के पास लोहाघाट को जा रही बस के इंजन से धुंआ उठा।

मौजूदा सूरत-ए-हाल :

1.टनकपुर मंडल (टनकपुर, लोहाघाट व पिथौरागढ़ डिपो) में रोडवेज की अपनी 196 बसें हैं।

2.इन बसों में से भी  20% बसों के हाल ठीकठाक नहीं है।

3.30% बसें निर्धारित दूरी तय करने के बाद भी रोड पर दौड़ रही  हैं।

4.टनकपुर, लोहाघाट व पिथौरागढ़ डिपो के लिए की 80 नई बसों की मांग मंडलीय प्रबंधक आलोक बनवाल ने निगम मुख्यालय से की है।

जरूरी हैं ये कदम उठाना:

रोडवेज बस बेड़े को बढ़ाना बेहद जरूरी।

रोडवेज के वर्कशॉप में कार्मिकों के खाली पदों को भरा जाएं।

वर्कशॉप में जरूरत के अनुरूप उपकरण उपलब्ध कराए जाएं।




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