Wednesday Feb 4, 2026

एशियन जलीय पक्षी गणना शुरू , इंटरनेशनल वाटर बर्ड सेंसस का हिस्सा है ये गणना

देवभूमि टुडे

चंपावत/टनकपुर। एशियन जलीय पक्षी गणना (AWC) टनकपुर शारदा रेंज में शुरू हो गई है। यह IWC (इंटरनेशनल वाटरबर्ड सेंसस) का हिस्सा है। इस वर्ष गणना का यह 40वां संस्करण है। आज18 जनवरी को गणना का आगाज हुआ। वन विभाग के मुताबिक कुमाऊं क्षेत्र की 15 आर्द्रभूमि इस गणना में शामिल हैं। कार्यक्रम का आयोजन उत्तराखंड वन विभाग, उत्तराखंड राज्य जैव विविधता बोर्ड तथा ई बर्ड इंडिया कर रहा है। बताया गया कि पक्षियों के लिए शारदा बैराज डैम एक उचित स्थान है, जहां देश-विदेश के पक्षी यहां आकर बसे हैं। जिसमें रूस से आने वाले साइबेरिया पक्षी प्रमुख हैं। यह पक्षी ठंड के मौसम में इस क्षेत्र में आ जाते हैं और गर्मी शुरू होते ही वापस चले जाते हैं।

 

देहरादून की पक्षी विशेषज्ञ आंचल सकलानी के मुताबिक सर्दियों में आने वाले प्रवासी और स्थानीय जलीय पक्षियों की आबादी की निगरानी, आर्द्रभूमियों के स्वास्थ्य का आकलन और लंबे समय तक संरक्षण में योगदान देने के उद्देश्य से गणना की जा रही है। पहले दिन की गणना में 48 प्रजाति के पक्षी पाए गए।

इन प्रजातियों के पक्षियों की हुई गणना साइबेरियन पक्षी, लैपविंगकामन सैंडपाइपर, पल्लास गल, ग्रेट क्रेस्टेड ग्रीब, एशियाई वूली-नेक्ड स्टार्क, लिटिल इंडियन कार्मोरेंट, रेड-नेप्ड आइबिस, इंडियन ब्लैक आइबिस, लिटिल एग्रेट, इंडियन पान्ड-हेरान, ईस्टर्न कैटल-एग्रेट, मीडियम एग्रेट, ग्रे हेरांन, पाइड किंगफिशर आदि पक्षी गणना में पाए गए।




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