Wednesday Feb 4, 2026

चंपावत BJP जिला कार्यालय में हुई कार्यशाला में मुख्य वक्ता BJP के प्रदेश उपाध्यक्ष श्रीपाल राणा ने दी जानकारी

12 फरवरी तक पार्टी की सभी मंडल इकाइयों में होंगी कार्यशालाएं

देवभूमि टुडे

चंपावत। BJP के प्रदेश उपाध्यक्ष श्रीपाल राणा ने

कहा कि मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी  अधिनियम) को संशोधित कर बनाया गया VB-G RAM G (विकसित भारत गारंटी फार रोजगार और आजीविका मिशन) अधिनियम न केवल लोगों की आजीविका बढ़ाएगा, बल्कि विकसित भारत की भी मजबूत नींव बनेगा। आज 18 जनवरी को BJP जिला कार्यालय में जिलाध्यक्ष गोविंद सामंत की अध्यक्षता में हुई कार्यशाला में मुख्य वक्ता राणा ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार के दिन बढ़ाने के साथ नए कानून में कई ऐसे प्रावधान हैं, जिससे जन कल्याण और ग्रामीण आधारभूत ढांचे को विस्तार देने में मदद मिलेगी।

कार्यशाला में कई वरिष्ठ पदाधिकारियों ने कार्यकताओं का मार्गदर्शन किया। वीबी-जी राम जी अधिनियम की समा जानकारी से कार्यकर्ताओं को रुबरु कराने के लिए जिला स्तर के बाद अब 12 फरवरी तक पार्टी की सभी मंडल इकाइयों में कार्यशालाएं होंगी।

BJP जिला महामंत्री मुकेश कलखुड़िया के संचालन में हुए कार्यक्रम में दर्जा राज्य मंत्री श्याम नारायण पांडेय, जिला सह प्रभारी (संगठन) हिमांशु बिष्ट, जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद अधिकारी, चंपावत की ब्लॉक प्रमुख अंचला बोहरा, नगर पालिका अध्यक्ष प्रेमा पांडेय, पूर्व जिलाध्यक्ष एडवोकेट श्याम नारायण पांडेय, हिमेश कलखुड़िया, सुभाष बगौली, सतीश पांडेय, महिला मोर्चा कुमाऊं सह संयोजक विनीता फर्त्याल, SC मोर्चा प्रदेश मंत्री सूरज प्रहरी, नगर मंडल अध्यक्ष सुनील पुनेठा, महामंत्री कृष्णानंद जोशी, सभासद प्रेमा चिल्कोटी, मणिप्रभा तिवारी, रोहित बिष्ट, नंदन तड़ागी सहित पार्टी के तमाम पदाधिकारी मौजूद थे।

नए कानून ने 21 दिसंबर 2025 को ली मनरेगा की जगह:

फरवरी 2006 से शुरू मनरेगा के स्थान पर केंद्र सरकार ने VB-G RAM G (विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन) नाम से 21 दिसंबर 2025 को नया कानून बनाया। सरकार ने इस कानून को 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य की कड़ी का एक हिस्सा बताया है।  

मनरेगा’ और 'VB-G RAM G' में मुख्य अंतर:

1.नए कानून में काम के दिन 100 से बढ़कर 125 हुए।

2.काम मांगने के 15 दिनों के भीतर रोजगार नहीं मिलता, तो वह बेरोजगारी भत्ते का हकदार होगा। पहले ये वक्त 30 दिन था।

3.खेती बुवाई और कटाई के समय नहीं मिलेगा सरकारी काम।

4.मनरेगा में मजदूरी का पूरा 100% खर्च केंद्र उठाता था, लेकिन नए कानून में राज्यों की हिस्सेदारी बढ़ जाएगी। पूर्वोत्तर और पहाड़ी राज्यों के लिए केंद्र-राज्य का खर्च 90:10 के अनुपात में होगा। वहीं अन्य राज्यों में अब 60:40 का फार्मूला लागू होगा।

चंपावत में आयोजित कार्यशाला को संबोधित करते BJP के प्रदेश उपाध्यक्ष श्रीपाल राणा।




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