शिक्षा विभाग के सर्वेक्षण में कुल्यालगांव के खालबगड़ तोक को कॉलेज के लिए उपयुक्त बताया
500 नाली जमीन दान करने को राजी ग्रामीण, आसपास 7 इंटर कॉलेज होने से उच्च शिक्षा के लिए पर्याप्त छात्र संख्या
इस वक्त लधिया घाटी क्षेत्र के छात्र-छात्राएं स्नातक के लिए 49 किमी दूर पाटी या 65 किमी दूर लोहाघाट जाने को मजबूर
देवभूमि टुडे
चंपावत/रीठा साहिब। पाटी विकासखंड में भले ही दो-दो (देवीधुरा व पाटी) राजकीय डिग्री कॉलेज हैं, लेकिन फिर भी लधिया घाटी क्षेत्र के छात्र-छात्राओं और नौजवानों की उच्च शिक्षा को लेकर दिक्कतें कम नहीं है। इसे लेकर रीठा साहिब क्षेत्र से उठी आवाज लगता है नतीजे पर पहुंच रही है। जिला पंचायत सदस्य सोनू बोहरा और अन्य जन प्रतिनिधियों की पहल रंग लाती दिख रही है। लधिया घाटी क्षेत्र में कॉलेज के लिए स्थान का प्रस्ताव जिला प्रशासन ने शासन को भेजा है।

जिला पंचायत सदस्य सोनू बोहरा का कहना है कि नैनीताल जिले से लगे रीठा साहिब और लधिया घाटी क्षेत्र के युवाओं के लिए इंटर के बाद की पढ़ाई का कोई बंदोबस्त नहीं है। क्षेत्र के छात्र-छात्राओं को स्नातक और उससे आगे की पढ़ाई के लिए लोहाघाट या पाटी की दौड़ लगानी होती है। रीठा साहिब से पाटी 49 किमी और लोहाघाट 65 किमी दूर है। दूरी की वजह से काफी बच्चे इंटर के बाद की पढ़ाई से वंचित रह जाते हैं। इसके मद्देनजर लधिया घाटी क्षेत्र में डिग्री कॉलेज की मांग को लंबे समय से उठाया जाता रहा। जिसके बाद प्रशासन ने पिछले साल सितंबर से कवायद शुरू की गई।
मुख्य शिक्षाधिकार मेहरबान सिंह बिष्ट ने बताया कि कॉलेज के लिए रीठा साहिब से 2 किमी दूर कुल्यालगांव के खालबगड़ तोक में कॉलेज के लिए भूमि प्रस्तावित की है। जिला पंचायत सदस्य सोनू बोहरा का कहना है कि खालबगड़ में चयनित 500 नाली भूमि को ग्रामीण कॉलेज के लिए दान करने को राजी है। रोड से लगा यह स्थान कॉलेज के लिए एकदम उपयुक्त है। शिक्षा विभाग द्वारा किए गए सर्वे में भी इस बात की तस्दीक की गई है।



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