चंपावत खड़ी बाजार में कुमाऊंनी बैठकी होली गायन
पौष मास के चौथे और अंतिम रविवार को होल्यारों ने बिखेरे होली गायन के रंग
देवभूमि टुडे
चंपावत। पौष मास के चौथे और अंतिम रविवार को आज 11 जनवरी को हुई कुमाऊंनी बैठकी होली में होल्यारों ने होली गायन के खूबसूरत रंग बिखेरे। कलश संगीत कला समिति के तत्वाधान में कलश संगीत कला समिति के अध्यक्ष हिमेश कलखुड़िया की अध्यक्षता में हुई कुमाऊंनी बैठकी होली का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर किया गया।


चंपावत खड़ी बाजार में पांडेय पूजा सदन स्थित कलश संगीत कला समिति के कार्यालय में होली गायन का श्रीगणेश गिरीश पंत ने भगवान श्री राम के 14 वर्ष वनवास के दौरान गंगा तट पर केवट राजा से हुई भेंट एवं केवट प्रसंग पर आधारित राग सहाना में- 'कहत निषाद, सुनो रघुनंदन नाथ न लूं तुमसे उतराई' से किया। राग काफी में दिनेश बिष्ट ने- 'मदकी भरी चली जात, गुजरिया' हिमेश कलखुड़िया ने राग काफी में 'मुरली की वो तान फिर से सुना दे', महेश जोशी राग काफी 'खेलत ननद कुंवर धूम मची है रे', प्रेम बल्लभ भट्ट ने राग देश में 'भव भंजन गुण गाऊं, मैं अपने राम को रीझाऊं' और संतोष पांडेय ने कुमांऊनी बैठकी होली प्रस्तुत की। तबले पर संगत दिनेश बिष्ट एंव बाल कलाकार चिरंजीव कार्तिक नरियाल और मयंक नरियाल ने दी।
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