बदायूं निवासी उपदेश कुमार गुप्ता परिवार संग देवी दर्शन के लिए पूर्णागिरि धाम जा रहे थे
दिल का दौरा पड़ने से मौत का अंदेशा
देवभूमि टुडे
चंपावत/पूर्णागिरि धाम। पूर्णागिरि धाम में आए एक श्रद्धालु की एकाएक मौत हो गई। दिल का दौरा पड़ने से मौत का अंदेशा जताया जा रहा है। मृतक बदायूं जिले का रहने वाला है। पूर्णागिरि के स्थानीय लोगों, दुकानदारों और नेपाली श्रमिकों की मदद से शव को करीब 3 किलोमीटर पैदल मार्ग तय कर भैरवमंदिर क्षेत्र में पहुंचाया गया।
पूर्णागिरि क्षेत्र के कारोबारी एवं सामाजिक कार्यकर्ता पंडित राजेंद्र तिवारी ने बताया कि उपदेश कुमार गुप्ता (48) पुत्र राम रक्षपाल गुप्ता निवासी बसौली जिला बदायूं भाई और परिवार के साथ देवी दर्शन के लिए पूर्णागिरि धाम आए थे। 9 जनवरी की रात करीब 7 बजे मंदिर के पास की धर्मशाला में ठहरना था और आज 10 जनवरी को देवी मां के दर्शन करने थे। लेकिन धर्मशाला पहुंचने से पूर्व चढ़ाई में वे एकाएक अचेत हुए और कुछ देर में दम तोड़ दिया। इस वाकये से साथ आए परिजन सकते में आ गए। स्थानीय लोगों की मदद से शव को करीब 3 किमी पैदल फासला पार कर भैरवमंदिर क्षेत्र लाया जा सका। जहां से वाहन के माध्यम से 19 किमी दूर टनकपुर ले जाया गया।
धाम क्षेत्र में नहीं इलाज की व्यवस्था
पूर्णागिरि शक्तिपीठ उत्तर भारत के सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक मेलों में एक है। जहां हर साल 35 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन करते आते हैं, लेकिन इसी पूर्णागिरि क्षेत्र में स्वास्थ्य की रत्तीभर भी व्यवस्था नहीं है। सिर्फ सरकारी मेलावधि में 3 जगह स्वास्थ्य शिविर लगते हैं। मगर शेष 8 माह में पूर्णागिरि क्षेत्र के लोगों के लिए मामूली स्वास्थ्य की जांच की भी कोई सुविधा नहीं है। यहां के लोगों को किसी भी तरह के इलाज के लिए 19 किमी दूर टनकपुर ले जाना मजबूरी है।
ग्राम प्रधान पंकज तिवारी, मंदिर समिति के अध्यक्ष पंडित किशन तिवारी, पंडित मोहन पांडेय, पंडित नेत्रबल्लभ तिवारी सहित क्षेत्र के तमाम लोग पूर्णागिरि क्षेत्र में स्थाई स्वास्थ्य केंद्र की मांग करते रहे हैं, लेकिन अभी तक इस दिशा में कारगर कदम नहीं उठाया जा सका है।

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