Wednesday Feb 4, 2026

खिरद्वारी से खर्राटाक होते हुए चूका तक 18 किमी सड़क का सर्वे शुरू

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से मंजूर है यह सड़क

देवभूमि टुडे

चंपावत। चंपावत जिले का इकलौता आदिम जनजाति गांव खिरद्वारी रोडविहीन है, लेकिन अगले कुछ सालों में यह गांव सड़क से जुड़ जाएगा। सड़क के लिए सर्वे कार्य शुरू कर दिया गया है। रोड से सिर्फ खिरद्वारी ही नहीं जुड़ेगा, बल्कि पूर्णागिरि धाम के पुजारियों के पैतृक गांव खर्राटाक को भी लाभ मिलेगा‌।

प्रधानमंत्री जनमन योजना में शामिल खिरद्वारी गांव से खर्राटाक होते हुए चूका तक करीब 18 किलोमीटर सड़क मंजूर हुई है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से इस सड़क को स्वीकृति मिली है। अब इस रोड का सर्वे शुरू हो गया है। चूका से खर्राटाक होते हुए खिरद्वारी तक सड़क का सर्वे कार्य शुरू हुआ। सर्वे के शुभारंभ मौके पर पूर्णागिरि मंदिर समिति के अध्यक्ष पंडित किशन तिवारी, ग्राम प्रधान पंडित पंकज तिवारी सहित कई लोग मौजूद थे प्रतिनिधियों ने सर्वे शुरू होने पर DM मनीष कुमार से लेकर CM पुष्कर सिंह धामी तक का आभार जताया है।

सर्वे के दौरान सर्वेयर और पूर्णागिरि मंदिर समिति अध्यक्ष किशन तिवारी, प्रधान पंकज तिवारी व अन्य लोग।

रोड से रिवर्स पलायन की जगी आस:

चंपावत जिले की आध्यात्मिक पहचान मां पूर्णागिरि धाम की कालीगूंठ ग्राम पंचायत का गांव है खर्रा टाक। लेकिन पूर्णागिरि धाम के पुजारियों का यह पैतृक गांव अब आबादीविहीन है। 25 साल पहले तक यहां 27 परिवार रहते थे, लेकिन नवंबर 2000 में उत्तराखंड राज्य के गठन के बाद से यह गांव निर्जन हो गया। अब इस गांव में एक भी व्यक्ति नहीं रहता है। विकास की दूरी से पलायन की ये त्रासदी है।

टनकपुर-जौलजीबी मार्ग पर चूका से करीब ढाई किलोमीटर दूर खर्राटाक धार्मिक और पर्यावरणीय दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण है। नामचीन शिकारी जिम कॉर्बेट ने 1940 में इसी स्थान पर नरभक्षी बाघ का खात्मा किया था, लेकिन इतना महत्वपूर्ण गांव अभी तक सड़कविहीन है। खर्राटाक तक सड़क नहीं पहुंचने से मजबूरी में उन्हें गांव छोड़ टनकपुर, नायकगोठ सेलागाड़ पूर्णागिरि, त्यारकूड़ा आदि जगहों में पलायन करना पड़ा है। खेतीबाड़ी के लिए मुफीद यह गांव सड़क की कमी से बंजर और आबादी विहीन है।

लेकिन रोड जाने की आस से अब इस गांव के दिन फिरने की उम्मीद जगी है। पंडित किशन तिवारी, पंडित मोहन पांडेय, पंडित नेत्रबल्लभ तिवारी, पंडित पंकज पांडेय, पंडित नवीन तिवारी, पंडित नीरज पांडेय, पंडित सुरेश तिवारी सहित क्षेत्र के तमाम लोगों का कहना है कि रोड से जुड़ने से खर्राटाक गांव से न केवल रिवर्स पलायन होगा, बल्कि विकास को नए आयाम मिलेंगे।

खर्राटाक का खंडहर मकान।




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