काफी वक्त तक विभाग Control Bruning बताता रहा
मौनपोखरी क्षेत्र का वाकया
चंपावत जिले में बीते 3 सप्ताह में दावाग्नि की हो चुकी हैं 4 घटनाएं
देवभूमि टुडे
चंपावत। कड़ाके की सर्द है। चंपावत जिले में पिछले साल 9 अक्टूबर के बाद बारिश नहीं हुई। 3 माह से एक भी बूंद नहीं बरसने से वातावरण से नमी पूरी तरह से गायब है। आज 7 जनवरी को भी न्यूनतम तापमान 4 डिग्री सेल्सियस है। लेकिन इसके बावजूद जंगल में आग की घटनाएं थम नहीं रही है। वहीं आज चंपावत के मौनपोखरी क्षेत्र के जंगल में आग लगी। आग का धुंआ इतना विकराल था कि चंपावत सर्किट हाउस के क्षेत्र से साफ नजर आई। अलबत्ता शुरू में वन विभाग के चंपावत रेंज के अधिकारी इसे दावाग्नि के बजाय कंट्रोल बर्निंग बता रहे हैं।



चंपावत जिले में पारा लुढ़का हुआ है और न्यूनतम तापमान 4 डिग्री सेल्सियस से भी कम है। लेकिन बावजूद इसके चंपावत जिले में 16 दिसंबर से बीते 3 सप्ताह में दावाग्नि की 4 घटनाएं हो चुकी हैं। ताजा वाकया चंपावत के मौनपोखरी क्षेत्र का है। जहां के जंगल की आग से घंटों धुंआ उठता रहा। सुबह से उठा धुंआ देर शाम तक भी नहीं थमा। मौनपोखरी क्षेत्र के आसपास के आसमान में धुंआ और धुंध छाने से कई लोगों को दुश्वारी भी हुई। क्षेत्र के कई पर्यावरण प्रेमियों ने रोकथाम को पुख्ता उपाय नहीं करने पर नाराजगी जताई है।
वहीं उप प्रभागीय वनाधिकारी सुनील कुमार का कहना है कि मौनपोखरी क्षेत्र में सुबह हल्की आग लगी थी, जिसे बुझा लिया गया था। लेकिन कुछ देर बाद कतिपय लोगों ने फिर से जंगल में आग लगा दी। आग बुझाने के लिए वन विभाग की टीम मौके पर भेजी गई है। जंगल में आग लगाने वाले शरारती तत्वों की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी।
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