चंपावत में कुमाऊंनी बैठकी होली में होल्यारों ने बिखेरे होली के रंग
देवभूमि टुडे
चंपावत। पौष मास के तृतीय रविवार को आज 4 जनवरी को हुई कुमाऊंनी बैठकी होली में होल्यारों ने होली के कई रंग बिखेरे। कलश संगीत कला समिति के तत्वाधान में कलश संगीत कला समिति के अध्यक्ष हिमेश कलखुड़िया की अध्यक्षता में हुई कुमाऊंनी बैठकी होली का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर किया गया।



चंपावत खड़ी बाजार में पांडेय पूजा सदन स्थित कलश संगीत कला समिति के कार्यालय में होती गायन का श्रीगणेश गिरीश पंत द्वारा राग काफी सिंदोरा में 'मैं तो राम दिवानी मोरा दर्द ना जाने कोई' से हुआ। दिनेश बिष्ट ने राग काफी में 'मन रंग दे करतार, मधुर मोरा साज मिला दे', हिमेश कलखुड़िया ने राग जंगला काफी में 'जहाँ ऐसे रंग ढंग ऐसे वृज के बसन से मैं आई कैसे, बचेगी लाज', महेश जोशी जी द्वारा राग दरबारी में 'मोरे पिया मोसे बोलत नाहीं किन बैरन कान भरे', प्रेम बल्लभ भट्ट द्वारा राग देश में 'हूं बैरागन अपने पिया की, संय्या से मिला दीजो', संतोष पांडेय ने कुमांऊनी बैठकी होली प्रस्तुत की। तबले पर संगत दिनेश बिष्ट एंव बाल कलाकार चिरंजीव कार्तिक नरियाल ने दी।
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