मंगलवार को टनकपुर में पेड़ में उलझा मिला था लोहाघाट निवासी ड्राइवर गोपाल सिंह बोहरा का शव
पुलिस हर एंगिल से कर रही जांच
टनकपुर में हुआ अंतिम संस्कार
देवभूमि टुडे
चंपावत/टनकपुर। टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर ककरालीगेट के पास के जंगल में 30 दिसंबर को एक पेड़ पर उलझ कर हुई ड्राइवर की मौत पहेली बन गई है। मौत से पहले चालक पैदल ककरालीगेट क्यों गया? जबकि उन्हें अपने रिश्तेदार के घर खटीमा जाना था। ककरालीगेट के जंगल में वह पेड़ पर क्यों चढ़ा और फिर कैसे गिरा? जैसे कई सवालों ने मौत की गुत्थी को उलझा दिया है।
लोहाघाट ब्लॉक के डुंगराबोरा रौंसाल निवासी गोपाल सिंह बोहरा (38) पुत्र भीम सिंह बोहरा का शव 30 दिसंबर की सुबह NH पर ककरालीगेट से करीब एक किलोमीटर की दूरी पर शारदा रेंज के ककरालीगेट बीट के जंगल के एक पेड़ में उलझा मिला था।

परिजनों के मुताबिक गोपाल सिंह बोहरा दिल्ली में ड्राइविंग करता था। 28 दिसंबर की रात DL नवीनीकरण कराने आया था। परिजनों के मुताबिक 29 दिसंबर को अपराह 3 बजे भाई का फोन आया था कि DL नवीनीकरण के बाद गांव आऊंगा। 29 तारीख की शाम टनकपुर निवासी एक रिश्तेदार से मिल खटीमा ताऊ के यहां जाने की बात कही थी।
ऐसे में ये सवाल उठता है कि जब गोपाल सिंह बोहरा को खटीमा जाना था, तो विपरीत दिशा टनकपुर ककरालीगेट की ओर वह कैसे पहुंचे? और फिर यहां से वह पेड़ पर कैसे और क्यों चढ़े?
घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद पुलिस का कहना था कि प्रथमदृष्ट्या ऐसा प्रतीत हो रहा है कि गोपाल सिंह बोहरा किसी जंगली जानवर के डर से पेड़ पर चढ़कर अपनी जान बचा रहा होगा। बाद में नीचे उतरते वक्त उसका पहना हुआ कपड़ा पेड़ पर अटक गया और हाथ कपड़ों में फंस गए। जनेऊ से भी उसके गले में गहरे निशान हैं। घटना स्थल के पास जंगली जानवरों के निशान पाए गए थे। अलबत्ता पुलिस का कहना है कि पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है।
कल बुधवार को पुलिस ने पंचायतनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम कराया। अपरान्ह को गोपाल सिंह बोहरा का टनकपुर के शारदा घाट में अंतिम संस्कार कर दिया गया। मृतक का परिवार दिल्ली में रहता है परिवार में पत्नी कमला और दो पुत्र हैं। पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है।
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