कड़ाके की ठंड फिर भी धधक रहा जंगल
चंपावत जिले में बीते 15 दिनों में दावाग्नि की दो घटनाएं हो चुकी
देवभूमि टुडे
चंपावत/ लोहाघाट। वन्य जीवों का आबादी वाले क्षेत्र और इंसानों पर ही खतरा नहीं है, बल्कि अब खुद वन भी निशाने पर हैं। कड़ाके की सर्द के बीच जंगल में आग। बीते 15 दिनों में दावाग्नि की ये दूसरी घटना है। जानकारी मिलने पर मौके पर पहुंची अग्निशमन की टीम ने आग बुझाई।
चंपावत जिले में पारा लुढ़का हुआ है और न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस से भी कम है। लेकिन बावजूद इसके जंगल धधक रहे हैं। ताजा घटना बुरगुल के जंगल की है।


यहां के जंगल में आग लगने की जानकारी के बाद फायर सर्विस यूनिट ने प्रभारी अग्निशमन अधिकारी के निर्देशन में मौके पर पहुंचकर MFE से पंपिंग कर एक होज रील की सहायता से एवं पीट पाटकर आग को पूर्ण रूप से बुझा वन संपदा का नुकसान बचाया। फायर सर्विस टीम में LFM नीरज राणा, FS DVR जगदीश तिलाड़ा, पूजा राणा, नीलम राणा आदि शामिल थे।
इससे पूर्व 16 दिसंबर की पूर्वान्ह चंपावत से करीब 10 किमी दूर बनलेख धौन के पास के जंगल में आग लगी थी।
चंपावत जिले में इस साल 9 अक्टूबर बाद बारिश नहीं हुई है। 12 सप्ताह से एक भी बूंद नहीं बरसने से वातावरण से नमी पूरी तरह से गायब है। और इस कारण कड़ाके की ठंड के बावजूद जंगल जल रहे हैं।
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