Friday Jan 23, 2026

फसल बीमा क्लेम को लेकर DM से मिले चंपावत विकासखंड की सहकारी समितियों के पदाधिकारी

देवभूमि टुडे

चंपावत। इस साल मानसून काल में हुई भारी बारिश ने खेत में खड़ी फसल को तबाह कर दिया। किसानों की फसल को भारी नुकसान हुआ। लेकिन फसल बीमा करवाने के बावजूद ज्यादातर सहकारी समितियां के किसानों को समुचित बीमा क्लेम नहीं मिल सका है। एक समानफसल की छाती होने के बाद भी किसानों को एक जैसा बीमा क्लेम नहीं दिया गया है। इससे नाराज सहकारी समितियों के किसानों के प्रतिनिधिमंडल ने आज 31 दिसंबर को DM के सम्मुख अपनी पीड़ा व्यक्ति की और ज्ञापन दे इंसाफ की गुहार लगाई।

 

चंपावत विकासखंड के कई हजार किसानों ने अदरक सहित कई फसलें लगाईं। लेकिन मौसमी मार्ग से अधिकांश जगह खेती को भारी नुकसान हुआ। सहकारी समिति के माध्यम से किसानों ने एक बीमा कंपनी से 5% बीमा प्रीमियम की दर से बीमा भी कराया। लेकिन भारी नुकसान के बाद भी उन्हें बीमा क्लेम नगण्य मिला। यहां तक की चंपावत ब्लॉक के एक जैसी भौगोलिक स्थिति, एक जैसे मौसम और एक जैसे नुकसान के बावजूद एक जैसा बीमा क्लेम नहीं दिया गया। टनकपुर और धुरा समिति के किसानों को सबसे ज्यादा 35%, चंपावत सिप्टी और कोट अमोड़ी समितियों के किसानों को 5% और मंच, सिमिया एवं हरतोला समितियां के किसानों को महज 1.30% फसल बीमा क्लेम का बीमा कंपनी ने भुगतान किया।

विभिन्न सहकारी समिति के पदाधिकारियों ने इसे अनुचित और अन्याय बताते हुए नुकसान के दृष्टिगत बीमा क्लेम देने की मांग की। ज्ञापन देने वालों में चंपावत समिति के अध्यक्ष मंजू साह, धुरा समिति के अध्यक्ष महेश चंद्र चौड़ाकोटी, मंच समिति के अध्यक्ष प्रकाश चंद्र जोशी, हरतोला समिति के सूरज सिंह, सीमिया समिति के रघुवर सिंह, कोट अमोड़ी के अध्यक्ष मीना बोहरा, पूर्व अध्यक्ष विकास साह, देवीदत्त जोशी, मोहन चंद्र जोशी आदि के हस्ताक्षर हैं। DM मनीष कुमार ने सरकारी समिति के पदाधिकारी को इंसाफ का भरोसा दिलाया। साथ ही उन्होंने DHO को प्रकरण से संबंधित पत्रावली प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।




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