Wednesday Feb 4, 2026

चंपावत जिले में सौर स्वरोजगार योजना के लाभार्थी बैंक किस्तों में फंसे, प्लांट बने शो पीस

लाभार्थियों ने DM को पत्र भेज  कार्रवाई का आग्रह किया

देवभूमि टुडे

चंपावत। खेतीखान क्षेत्र में स्थापित कई सोलर प्लांटों का लाभार्थियों को लाभ नहीं हो रहा है। इससे स्वरोजगार कर रहे लोगों को मुश्किलें आ रही हैं। लाभार्थियों ने कई करोड़ रुपए से सोलर प्लांट तो स्थापित कर दिए, लेकिन उनका संचालन नहीं होने से उन्हें बैंक की किस्त जेब से जमा करनी पड़ रही है।  

सरकार ने मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना के जरिए लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने की पहल की थी। लेकिन जिले के अधिकांश लाभार्थियों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। भारी बिजली कटौती और पर्याप्त क्षमता नहीं होने से सोलर प्लांट से उत्पादन ठप हो गया है। जिससे ग्रामीण लाभार्थी बैंकों की भारी भरकम किस्त नहीं चुका पा रहे हैं। 

लाभार्थियों ने DM मनीष कुमार को ज्ञापन दे जल्द प्लांटों के संचालन की मांग की है। वर्तमान समय में जिले के गड़कोट, नरियालगांव, भगीनाभंडारी और नरसिंहडांडा क्षेत्र में कई ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार सोलर प्लांट लगाए हैं। योजना स्थापित करने के लिए उन्होंने बैंक से कर्ज लेकर प्लांट स्थापित किए हैं। जिसकी मासिक किस्त 1.10 लाख रुपए है। लाभार्थियों का आरोप है कि ऊर्जा निगम ने 2024 में तकनीकी व्यवहार्यता रिपोर्ट (Technical Feasiblity Report) निर्गत कर दी थी, लेकिन ग्रिड कनेक्ट होने के बाद भी लोड के समकक्ष लाइन एवं फीडर की क्षमता ही नहीं है।

ताकि इन क्षेत्रों में बिजली की लाइन बिछाई जा सके। उसके बावजूद भी अभी तक ऊर्जा निगम की लाइन नहीं बिछाई गई है। जिससे सोलर प्लांट पूरी तरह से संचालित नहीं हो सके हैं। ज्ञापन में प्रीति जोशी, विजय लक्ष्मी, भावना पांडेय, पार्वती बिष्ट, प्रेमा सनवाल, कुसुम फर्त्याल, कृष्णानंद भट्ट, उर्वशी भट्ट, दीप्ति खर्कवाल, गीता देवी आदि के हस्ताक्षर हैं।

क्या कहते हैं अधिकारीः

DM मनीष कुमार ने ऊर्जा निगम को तुरंत काम पूरा कराने के निर्देश दिए हैं। वहीं UPCL के चंपावत के EE विजय कुमार सकारिया का कहना है कि नई लाइन के लिए अनुमोदन लिया जा चुका है। टेंडर एलाँट किया जा चुका है। 2 महीने में काम पूरा हो जाएगा।




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