Wednesday Feb 4, 2026

चंपावत के मौराड़ी ग्राम पंचायत के पसोड़ा गांव का वाकया

गाय चराने गईं पार्वती और हेमा का तेंदुए से हुआ था आमना-सामना

साहस, बहादुरी और हिम्मत की मिसाल बनी 

तेंदुए की दहशत जिले के कई अन्य हिस्सों में भी 

देवभूमि टुडे

चंपावत। ये विस्मयकारी घटना है। अदभुत है। साहस, बहादुरी और हिम्मत की दो बहनों की सचमुच मिसाल है। जिन्होंने  मौत बनकर सामने आए तेंदुए से हार नहीं मानी, उल्टा अपने हौसले से तेंदुए को जंगल में भगा दिया। क्षेत्र में तेंदुआ देखे जाने से दहशत बढ़ गई है।

चंपावत के मौराड़ी ग्राम पंचायत के पसोड़ा गांव का वाकया है। सामाजिकता कार्यकर्ता जयदत्त के मुताबिक पसोड़ा निवासी शेखर चंद्र जोशी की बेटियां पार्वती जोशी (16) और हेमा जोशी (13) सोमवार सुबह गांव के पास के जंगल किनारे मवेशियों को चराने गई थीं। वहां घात लगाए तेंदुए ने अचानक दोनों बहनों पर हमला करने का प्रयास किया। जैसे ही तेंदुआ उनकी तरफ आने लगा, तो बहनों ने हिम्मत न हारते हुए हल्ला मचाना शुरू कर दिया। दोनों बहनों का शोर-शराबा सुन तेंदुआ हमला भाग गया। तब तक दोनों बच्चों का शोर सुनकर ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए और उन्हें मवेशियों के साथ सुरक्षित घर लेकर आए।

 

ग्राम प्रधान विमला जोशी का कहना है कि वन विभाग को इस संबंध में पत्र देकर पिंजरा लगाने की मांग की गई है। वन क्षेबाधिकती बृजमोहन टम्टा के मुताबिक तेंदुए दिखने से बच्चे भयभीत हो गए थे। विभाग ने ग्रामीणों से जागरूक रहने और बच्चों को अकेले जंगल की ओर न भेजने की अपील की है।

तेंदुए की दहशत जिले के कई अन्य हिस्सों में भी है। बाराकोट के च्युरानी, मंगोली, ओखलंज, धरगड़, मिरतोली ठांठा, नायल, मौनपोखरी में तेंदुए की दस्तक, तो खेतीखान के बांजगांव में भालू दिखाई देने से लोग सहमे हैं। ग्रामीणों ने बचाव के उपाय करने कि वन विभाग से मांग की है।




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