Wednesday Feb 4, 2026

अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं का CM कैंप कार्यालय तक मार्च

SDM अनुराग आर्य के माध्यम से राज्यपाल को भेजा ज्ञापन  

दोषियों को फांसी देने की मांग

देवभूमि टुडे

चंपावत। उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड के दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग और मामले में भाजपा की भूमिका को संदिग्ध बताते हुए कांग्रेस कार्यकर्ता आज 29 दिसंबर को CM कैंप कार्यालय धमक आए। प्रशासन ने आननफानन में कार्यालय के बाहर पुलिस तैनात कर दी। जिसके बाद कार्यकर्ता वहीं धरने पर बैठ गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। कार्यकर्ताओं ने मामले में हीलाहवाली का आरोप लगाया और CM के इस्तीफे की मांग की।              

 

 

चंपावत में मार्च निकालते कांग्रेस कार्यकर्ता।

 

चंपावत के मादली में नए पार्टी कार्यालय का उद्घाटन करने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिलाध्यक्ष चिराग फर्त्याल के नेतृत्व में गोरलचौड मैदान के समीप स्थित मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय तक नारेबाजी केे साथ पैदल मार्च किया। कार्यकर्ता अंकिता भंडारी हत्याकांड के दोषियों को फांसी की सजा देने की मांग कर रहे थे। जैसे ही कार्यकर्ता CM कैंप कार्यालय के गुख्य गेट के पास पहुंचे, पुलिस ने उन्हें वहीं रोक दिए। गुस्साए कार्यकर्ताओं ने गेट के पास ही धरना शुरू कर दिया। सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि धामी सरकार अंकिता की हत्या में शामिल आरोपियों को बचाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने दोषियों को फांसी की सजा देने की मांग की। हंगामा बढ़ता देख SDM अनुराग आर्या मौके पर पहुंचे और उन्होंने वार्ता कर उन्हें समझाया। कांग्रेसियों ने SDM के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन भेजा। जिसमें अंकिता को न्याय दिलाने और दोषियों को फांसी की सजा देने की मांग की। कार्यकर्ताओं ने कहा कि सितंबर 2022 में हुए इस जघन्य हत्याकांड में अब तक पूर्ण न्याय नहीं मिला है। हाल के दिनों में मामले में नए खुलासे हुए हैं, जिनसे साफ है कि बड़े लोगों की संलिप्तता को दबाया गया।  

आरोप लगाया कि जांच में प्रभावशाली लोगों को बचाने की कोशिश की गई और अब CBI जांच की जरूरत है ताकि सच्चाई सामने आए। विरोध प्रदर्शन में पूर्व विधायक हेमेश खर्कवाल, पूर्व दर्जा मंत्री निर्मला गहतोड़ी, एडवोकेट नवीन मुरारी, निर्मल तड़ागी, डॉ. श्याम सिंह कार्की, लोकेश पांडेय, पवन पांडेय, नानू बोहरा, केदार सिंह, मनीष महर, अब्दुल नाजिम सहित दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद थे।

अंकिता भंडारी ऋषिकेश के एक रिसॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट थी। 18-19 सितंबर 2022 को गायब होने के बाद 24 सितंबर को उसका शव चीला नहर से मिला था। कोटद्वार कोर्ट ने 30 मई 2025 को मुख्य आरोपी पुलकित आर्य और उसके दो साथियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। कांग्रेस का आरोप है कि SIT जांच अधूरी है और असली दोषियों को बचाने के लिए साक्ष्य मिटाए गए हैं।

 




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