फेल सैंपलों में हरिद्वार स्थित 13 कंपनियों के 32 दवाओं के सैंपल भी शामिल
केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन की लैब जांच में मानकों में खरी नहीं उतरी
देवभूमि टुडे
हरिद्वार। CDSCO (केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन) की लैब जांच में उत्तराखंड में निर्मित 40 दवाओं के सैंपल फेल हो गए हैं। इनमें हरिद्वार स्थित 13 कंपनियों के 32 दवाओं के सैंपल भी शामिल हैं। ये दवाएं निर्धारित मानकों पर खरी नहीं उतरी हैं। इन दवाओं से मरीजों की सेहत खतरे में पड़ सकती है। जांच में हरिद्वार की एक फार्मा कंपनी के कैल्शियम फॉस्फेट और विटामिन डी-3 सस्पेंशन के 16 बैच फेल हुए हैं।
बताया गया कि इस कंपनी की दवाएं सरकारी अस्पतालों में भी सप्लाई होती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार निर्माण प्रक्रिया में लापरवाही के कारण ये दवाएं मानकों को पूरा नहीं करतीं। ऐसी दवाएं मरीजों को फायदा करने के बजाय नुकसानदायक हो सकती हैं। स्वास्थ्य विभाग के खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने कंपनियों को जांच में फेल हुई दवाओं का उत्पादन रोकने के निर्देश दिए हैं।
शामिल हैं ये दवाएं:
छाती में संक्रमण, टाइप 2 मधुमेह, गर्भवती महिलाओं में मधुमेह, एसिडिटी और पाचन, आंखों में एलर्जी, छींक आना, सर्दी-जुकाम, बुखार, श्वसन एलर्जी, संक्रमण, बैक्टीरिया इंफेक्शन, अवसाद, दर्द आदि बीमारियों के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवाएं।
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