चंपावत के श्री मानेश्वर महादेव मंदिर से कलश संगीत कला समिति के तत्वाधान में बैठकी होली
गाइये गणपति जगवंदन...
देवभूमि टुडे
चंपावत। पौष मास के प्रथम रविवार के साथ ही आज 21 दिसंबर को कुमाऊंनी बैठकी होली का श्रीगणेश भी हो गया। श्री मानेश्वर महादेव मंदिर चंपावत से कलश संगीत कला समिति के तत्वाधान में मानेश्वर महादेव मंदिर चंपावत एंव कलश संगीत कला समिति के अध्यक्ष हिमेश कलखुड़िया की अध्यक्षता में हुई कुमाऊंनी बैठकी होली में स्वामी धर्मराज पुरी ने सभी होल्यारों का टीका लगाकर स्वागत किया। साथ ही अंग वस्त्र भेंट किए गए।
कलश संगीत कला समिति की उपाध्यक्ष प्रेम बल्लभ भट्ट के संचालन में हुई कुमांऊनी बैठकी होली के मुख्य अतिथि भारतीय रेडक्रास समिति के चेयरमैन राजेंद्र गहतोड़ी और विशिष्ट अतिथि पूर्व नगर पालिकाध्यक्ष विजय वर्मा ने कहा कि लोक आस्था और पहाड़ की संस्कृति परंपरा के अनुसार पौष मास के प्रथम रविवार से होती की औपचारिक शुरुआत हो जाती है। इसी परंपरा के हिसाब से पहले रविवार को होली गायन शुरू हो गया है।


मुख्य होल्यार हेम पांडेय ने गणेश वंदना 'गाइये गणपति जगवंदन' से कार्यक्रम की शुरुआत की गई। राग काफी 'का विधि फाग रचाऊं, मुरली नागिन सौं' प्रस्तुति दी गयी, गिरीश चंद्र पंत ने राग श्याम कल्याण 'होली में मना लाऊंगी, बहुत दिनन के रूठे श्याम को' विशाल पचौली ने राग काफी में 'जै जै कृष्ण मुरारी, बाल कलाकार चिरजीव आयुष भट्ट ने राग काफी 'सांझ भयी घर जाओ लला, मुरली ना बजाओ' और लोहाघाट के ओकलैंड विद्यालय के प्रबंधक प्रकाश पांडेय ने प्रभु के नाम की होली प्रस्तुत की गई कुमांऊनी बैठकी होली की परंपरा के शुभारंभ अवसर पर महेश जोशी, शांति जोशी, उमापति जोशी, प्रकाश पांडेय, जगदीश खर्कवाल, सुनील पांडेय, कमल वर्मा, प्रबंधक राजू पंत, लोहाघाट के मां शारदे संगीत महाविद्यालय के प्रणव शर्मा, भुवन भट्ट ने प्रस्तुति दी। तबले में संगत विशाल पचौली, अंकित जोशी, शांति जोशी, दिनेश बिष्ट एंव बाल कलाकार चिरंजीव कार्तिक नरियाल ने दी। इस अवसर पर प्रतिपाल कार्की, मंयक नरियाल, राहुल रावत सहित कई भक्तजन मौजूद थे।
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