लोहाघाट और बाराकोट ब्लाक के गांवों में दहशत बरकरार
दो गुलदारों के पकड़े जाने के बाद भी कम नहीं हो रहा खौफ
देवभूमि टुडे
चंपावत/बाराकोट। बाराकोट के च्यूरानी के धरगड़ा और लोहाघाट विकास खंड के मंगोली में अलग-अगल घटनाओं में दो लोगों को मौत के घाट उतारने के बाद गुलदार घटना वाले क्षेत्रों को गायब हो गया है। हालांकि वह घटना स्थल से दूर दिखाई दे रहा है, लेकिन कैमरा ट्रैप में उसकी लोकेशन नहीं मिल पा रही है। दो दिन पूर्व धरगड़ा, च्यूरानी, पुनई और मिर्तोली क्षेत्र में लोगों ने गुलदार दिखा था। शनिवार सुबह धरगड़ा के पास विद्यालय जा रही आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं रास्ते में गुलदार के बैठे होने के कारण ड्यूटी नहीं जा पाई थी। इन गांवों में शाम होते ही गुलदार के गुर्राने की आवाज आ रही है, जिससे लोग दहशत में हैं।
वन विभाग के मुताबिक मंगोली गांव में जहां गुलदार ने ग्रामीण को निवाला बनाया था उस क्षेत्र में वन विभाग ने 4 पिंजरे और 10 कैमरा ट्रैप लगाए हैं। कैमरा ट्रैप की लोकेशन भी लगातार बदली जा रही है, लेकिन गुलदार की लोकेशन नहीं मिल पा रही है। उन्होंने बताया कि मंगोली क्षेत्र में एक गुलदार पिंजरे में पहले ही कैद हो चुका है।
बताया गया कि च्यूरानी, धरगड़ा, ओखलंज में 4 पिंजरे लगाए गए हैं। इन क्षेत्रों में ड्रोन से गुलदार की लोकेशन ट्रेस की जा रही है। वन विभाग की टीम गश्त कर रही है। उन्होंने लोगों से सुबह-शाम सावधानी बरतने की अपील की है। कुछ दिन पूर्व धरगड़ा में एक गुलदार को ट्रेंकुलाइज किया गया था। रविवार को कहीं से भी गुलदार के हमलावर होने की खबर नहीं मिली। अलबत्ता लोग अनहोनी की आशंका से सहमे हैं।
कमलेख में भी गुलदार का खौफ
पाटी के कमलेख के बसोट तोक में भी गुलदार के खौफ से ग्रामीण सहमे हैं। पिछले एक पखवाड़े से क्षेत्र में गुलदार लगातार दिख रहा है। जिला पंचायत सदस्य अशोक माहरा ने बसोट गांव जाकर लोगों से वार्ता की। ग्रामीणों के मुताबिक गुलदार ने धूनाघाट क्षेत्र के ग्राम सभा कमलेख के मेल्टा तोक निवासी सुंदर सिंह बोहरा के घर के आंगन में बंधी गाय और बकरी को दिनदहाड़े मौत के घाट उतार दिया। वहीं बीते रविवार को बसौटा तोक के मदन सिंह और मोहन सिंह की दो-दो बकरियों को मार डाला।जिला पंचायत सदस्य ने मौके पर ही वन विभाग के कर्मचारियों से बात की। जिसके बाद वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर बताया कि जल्द कैमरा ट्रैप कैमरा लगाकर गुलदार की लोकेशन पता की जाएगी। उसके बाद पिंजरा लगाया जाएगा।
© 2026. All Rights Reserved.