सूखीढांग, अमोड़ी सहित बड़े हिस्से में मानसून में हुई भारी बारिश से बर्बाद हुई थी अदरक की फसल
धूरा सहकारी समिति के अध्यक्ष महेश चौड़ाकोटी ने पिछले दिनों उठाई थी आवाज
देवभूमि टुडे
चंपावत। भले ही बीते ढाई माह से एक बूंद बारिश नहीं हुई है, लेकिन मानसून काल में अत्यधिक बारिश लोगों के लिए मुसीबत बनी। इसकी मार किसानों को भी झेलनी पड़ी। 7 सेनानियों के क्षेत्र सूखीढांग धूरा से लेकर पूर्णागिरि और अमोड़ी क्षेत्र के सैकड़ों किसानों द्वारा बोई गई अदरक की फसल बरसात में हुई भारी बारिश से बर्बाद हो गई। किसानों ने सहकारी समिति के माध्यम से मौसम आधारित फसल बीमा योजना के अंतर्गत बीमा में मोटी रकम भी खर्च की, लेकिन नुकसान की भरपाई अब तक नहीं हुई है। इसे लेकर समिति के अध्यक्ष महेश चंद्र चौड़ाकोटी ने बीमा कंपनी से राशि दिलवाने के लिए हस्तक्षेप करने का प्रशासन से आग्रह किया है।


सूखीढांग समिति के अंतर्गत 700 से अधिक किसानों ने बड़े पैमाने में अदरक की इस साल अप्रैल में बुआई की थी। बुआई के लिए समिति के माध्यम से फसली ऋण लेने के साथ बीमा कराया था। किसानों का कहना है कि मानसून अवधि में मूसलाधार बारिश से फसल तबाह हो गई। इसी तरह अमोड़ी समिति के अंतर्गत आने वाले गांवों में भी अदरक की फसल बर्बाद हुई थी। प्रेम सिंह बोहरा, स्वरूप राम, प्रकाश चौड़ाकोटी, मनोज, भुवन चंद्र, इंद्र सिंह, केदार सिंह, बिशन सिंह, मोहन सिंह, जगदीश राम, जगत सिंह, जोगा सिंह, गिरीश तिवारी, नेत्र बल्लभ तिवारी, ज्ञान सिंह, हीरा बल्लभ जोशी, दुलभ राम, खष्टी देवी सहित सैकड़ों किसानों की फसल का 80 प्रतिशत से अधिक नुकसान हुआ था। किसानों ने नुकसान की भरपाई के लिए कई बार आवाज उठाई। समिति के चुनाव होने के बाद नव निर्वाचित सभापति महेश चंद्र चौड़ाकोटी और अमोड़ी के अध्यक्ष मीना बोहरा ने बीमा कंपनी और प्रशासन से बीमा राशि देने का आग्रह किया। लेकिन कई बार आवाज उठाने के बावजूद अभी तक बीमा कंपनी ने किसानों को एक भी रुपये का भुगतान नहीं किया। जिससे किसानों को आर्थिक चपत लग रही है।
वहीं डीएम मनीष कुमार के निर्देश के बाद उद्यान विभाग हरकत में आया। जिला उद्यान अधिकारी हरीश कोहली का कहना है कि किसानों को बीमा की रकम के भुगतान के लिए बीमा कंपनी को पत्र भेजा गया है।
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