31 दिसंबर और नए साल के लिए आने वाले तीर्थयात्रियों की व्यवस्थाओं को भी चाक-चौबंद करने की मंदिर समिति की मांग
पहली बार होली से पूर्व सरकारी मेला शुरू होने से तैयारी के लिए वक्त भी है कम
ठीक कराए जा रहे हैं खराब रास्तें: EE पलड़िया
देवभूमि टुडे
चंपावत/पूर्णागिरि धाम। वर्ष 2026 में पहली बार मां पूर्णागिरि धाम के सरकारी मेले का श्रीगणेश होली से पहले होगा। 109 दिनों तक चलने मेले का शुभारंभ 27 फरवरी को होगा। यानी न केवल मेले में समय कम है, बल्कि तैयारी को लेकर भी वक्त ज्यादा नहीं है। लेकिन पूर्णागिरि मेला क्षेत्र में आपदा से टूटे रास्ते और मार्गों की मरम्मत की गति ढीलीढाली है।
पूर्णागिरि मंदिर समिति का कहना है कि इस बार अगस्त-सितंबर की मानसूनी आपदा में धाम क्षेत्र में काफी नुकसान हुआ है। कई जगह पेयजल लाइन और मार्ग टूटे हैं, जिससे दिक्कतें आ रही हैं। भैरव मंदिर से मुख्य मंदिर के बीच तिलहर धर्मशाला के पास, सिद्धमोड़ सहित कई जगह रास्ते बेहद खराब हाल में हैं। जहां से यहां रहने वालों से लेकर तीर्थयात्रियों तक की आवाजाही में दुश्वारी हो रही है।

मंदिर समिति के अध्यक्ष पंडित किशन तिवारी का कहना है कि 9 दिन बाद साल के आखिरी दिन 31 दिसंबर और वर्ष 2026 के पहले दिन 1 जनवरी को नए साल के पहले दिन हजारों की संख्या में यात्री देवी धाम पहुंचते हैं। ऐसे में उनके लिए मार्ग की मरम्मत और अन्य सभी व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद किया जाना चाहिए। साथ ही इस बार 2026 का पूर्णागिरि मेला होली से पहले शुरू होना है, ऐसे में तैयारियों के लिए समय भी कम है। इस कारण मार्गों को ठीक करने से लेकर पेयजल, बिजली और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं को ठीक करने के लिए काम जल्द शुरू करना होगा।
क्या कहते हैं अधिकारी:
वहीं लोक निर्माण विभाग के चंपावत डिवीजन के अधिशासी अभियंता मोहन चंद्र पलड़िया का कहना है कि पूर्णागिरि धाम के खराब रास्तों को ठीक कराया जारहा है। इनमें काम लगाया गया है। जल्द ही रास्ते दुरुस्त कर लिए जाएंगे।
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