500 से ज्यादा भेड़ों को बस्टिया से धारचूला की ओर ले जा रहे थे भेड़पालक
देवभूमि टुडे
चंपावत/लोहाघाट। 8 अप्रैल को पूरे दिन हुई बारिश से भेड़ों को चंपावत से दारमा (धारचूला) ले जा रहे पिथौरागढ़ जिले के भेड़पालक (गडरिया) को भारी नुकसान उठाना पड़ा। जिला आपदा परिचालन केंद्र के अनुसार उनकी 27 भेड़ों की मौत हो गई। अलबत्ता बाद में प्रशासन ने प्रभावित भेड़पालक को 96 हजार रुपए का मुआवजा प्रदान किया।
धारचूला ग्राम वाल कालिका नई बस्ती निवासी भगत सिंह चलाल अपनी 500 से ज्याज भेड़ों को बस्टिया से धारचूला की ओर ले जा रहे थे। 8 अप्रैल की रात में वे लोहाघाट के बलाई के जंगल में ठहरे हुए थे। मूसलधार बारिश के चलते रात में ही उनकी 27 (24 भेड़ व 3 भेड़ के बच्चों) भेड़ों की मौत हो गई।
उन्होंने घटना की जानकारी आपातकालीन परिचालन केंद्र के अलावा CM कैंप कार्यालय के नोडल अधिकारी केएस बृजवाल को दी। जिसके बाद राजस्व विभाग एवं पशुपालन विभाग की संयुक्त टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर भेड़ों का पोस्टमार्टम किया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पाया गया कि लगातार हुई वर्षा के कारण प्रतिकूल परिस्थितियों में भेड़ों की मौत हुई है। DM मनीष कुमार के निर्देश पर राजस्व विभाग ने प्रभावित भेड़ पालक को आज 9 अप्रैल को मुआवजा दिया। लोहाघाट की SDM नीतू डांगर ने भेड़पालक को 96 हजार रुपए का चेक दिया।
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