


चंपावत में विश्व जल दिवस पर अधिकार मित्रों ने रैली निकाल जागरूक किया
देवभूमि टुडे
चंपावत। आज तो बचा हु आ है कल बचायें हम, जीना अगर है हमको तो जल बचायें हम, जनगीत एवं आओ! मिलकर जल बचायें, आने वाला कल बचायें, चाहे जितना कमा लो धन, जल के बिना नहीं जीवन…जैसे नारे चंपावत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में तहसील चंपावत के अधिकार मित्रों ने विश्व जल दिवस पर आज 22 मार्च को जल संरक्षण रैली के दौरान लगाए गए। नागरिकों से जल संरक्षण का आह्वान किया।
मोटर स्टेशन से गोरलचौड़ तिराहे तक आयोजित रैली में अधिकार मित्रों ने नारों, स्लोगनों एवं पथ संचलन गीत के जरिए अपनी बात आमजन तक पहुंचाई। जिले में करीब 2 करोड़ लीटर पानी चाहिए, लेकिन मिल रहा है बमुश्किल 1.10 लाख लीटर। पेयजल स्रोतों के संरक्षण के लिए उतीस, बांज आदि के पौधारोपण के जरिए पहल करने की अपील की गई। अधिकार मित्र प्रकाश जोशी शूल के नेतृत्व में निकाली गई रैली में ईश्वरी दत्त जोशी, गोपाल चंद्र पांडेय, राजेंद्र जोशी, दीपक सिंह, नवीन सिंह, दीपक, तनुजा पांडेय, सुनीता जोशी, मोहिनी, रेखा, दीपिका, हेमा, सुमन, गीता आदि शामिल थे।
आज तो बचा हुआ है कल बचायें हम…जल बचायें हम:
आओ! बूंद बूंद जल बचायें हम,
आज तो बचा हुआ है कल बचायें हम।
जीना है अगर हमको तो जल बचायें हम,
जल ही है हमारा जीवन ये जानते हैं हम।
बचाना इसको हरदम ये भी मानते हैं हम,
बर्बादी जल की करके यों ना खुद को जलायें हम।
जीना है अगर हमको तो जल बचायें हम।
कीमत अदा हैं करते हम बूंद-बूंद जल की,
फिर बंद क्यों ना रखते टोंटी को अपने नल की।
यों सड़क-रास्तों में ना जल को बहायें हम,
जीना है अगर हमको तो जल को बचायें हम।
करना है हमको संचय बरसात के भी जल को,
क्यों भूल चुके हम सब नौले-धारों की शकल को।
अभियान-जल जागृति-आओ! चलायें हम,
जीना अगर हमको तो जल बचायें हम।
जनकवि प्रकाश चंद्र जोशी शूल,
संयोजक: जल जागृति अभियान,
क्वैराला घाटी, चंपावत।



