टैक्सी संचालकों के विरोध के बाद जिला पंचायत ने शटल सेवा से टैक्सी संचालन के लिए टेंडर प्रक्रिया निरस्त की
देवभूमि टुडे
चंपावत/टनकपुर। पूर्णागिरि मेले में ठुलीगाड़ से भैरव मंदिर के बीच शटल सेवा को संचालित करने के लिए टैक्सी संचालकों को अब कोई शुल्क नहीं देना होगा। टैक्सी संचालकों के विरोध के चलते जिला पंचायत द्वारा शटल सेवा के नाम पर शुरू की गई टेंडर प्रक्रिया को निरस्त कर दी गई है।
टैक्सी यूनियन अध्यक्ष मदन कुमार के नेतृत्व में 28 फरवरी को टनकपुर तहसील में प्रदर्शन कर धरना दिया। उनकी दलील थी कि जिला पंचायत का ये कदम टैक्सी चालकों व मालिकों को तगड़ा नुकसान पहुंचाएगा। उसी दिन टैक्सी स्वामियों ने DM मनीष कुमार से मुलाकात कर टेंडर प्रक्रिया को निरस्त करने का अनुरोध किया था।
DM मनीष कुमार ने बताया कि सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद जिला पंचायत ने निविदा निरस्त कर दी है। भैरव मंदिर क्षेत्र की पार्किंग क्षमता के मद्देनजर ठुलीगाड़-भैरव मंदिर के बीच एक समय में 60 से 100 टैक्सियां व निजी कारों को संचालित करने की अनुमति दी जाएगी। DM ने कहा कि मेले में श्रद्धालुओं को अधिक से अधिक सुविधाएं देने के प्रयास किए जा रहे हैं।
गौरतलब है कि वर्ष 2025 में मां पूर्णागिरि मेले में जिला पंचायत की ओर से शटल सेवा के नाम पर किए गए टेंडर को निरस्त कराने के लिए टैक्सी यूनियन अध्यक्ष ने उच्च न्यायलय की शरण ली थी। तब टैक्सी वाहनों का बेरोकटोक संचालन किए जाने और टेंडर के नाम पर टैक्सी वाहनों से अतिरिक्त शुल्क वसूलने पर रोक लगाई गई थी। जिला पंचायत ने इस बार भी निविदा निकाली थी, जिस पर टैक्सी यूनियन के अध्यक्ष मदन कुमार और अन्य लोगों ने एतराज जताया था।
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