खराब बस मय यात्रियों वापस टनकपुर वर्कशॉप पहुंची, 2 घंटे बाद फिर रवाना हुई
पिथौरागढ़ डिपो की बस में 34 यात्री सवार थे
देवभूमि टुडे
चंपावत/टनकपुर/पिथौरागढ़। रोडवेड की खटारा बस का सफर मुसाफिरों के लिए मुसीबत और फजीहत का सबब बन रहा है। आज 9 जून को महज 8 किलोमीटर चलने के बाद खराब हुई बस ने यात्रियों को न केवल लंबा इंतजार कराया बल्कि परेशानी में भी डाला। वर्कशॉप में मरम्मत के बाद बस फिर आगे बढ़ी।


जानकारी के मुताबिक आज 9 जून को पिथौरागढ़ डिपो की बस 34 यात्रियों को लेकर टनकपुर से आगे बढ़ी, लेकिन बमुश्किल 8 किमी आगे बस्टिया के पास बस खराब हो गई। बस में सवार किमतोली के सेवानिवृत्त शिक्षक माधो सिंह अधिकारी ने बताया कि खराब बस यात्रियों सहित वापस टनकपुर कार्यशाला गई। 2 घंटे में मरम्मत होने के बाद बस फिर पिथौरागढ़ के लिए चली। इस बीच 2 घंटे तक सभी यात्री बच्चों के साथ रोडवेज वर्कशॉप में गर्मी से परेशान रहे। रोडवेज की खराब बसों का मुसाफिरों को बीच मंझधार में छोड़ना नया नहीं है। इसी साल टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर 180 से अधिक बार बसें खराब हो चुकी है।
रोडवेज के बस बेड़े में 50% का इजाफा हो: अधिकारी
सेवानिवृत्त शिक्षक एवं गुमदेश विकास संघर्ष समिति के अध्यक्ष माधो सिंह अधिकारी का कहना है कि पहाड़ में आवाजाही का अकेला सार्वजनिक परिवहन साधन की बदहाली सीधे तौर पर लोगों को परेशानी में डाल रही है। इससे मुसाफिरों को मंजिल तक पहुंचने में देरी और फजीहत का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही परिवहन निगम की साख पर भी बट्टा लग रहा है। अधिकारी ने चंपावत एवं पिथौरागढ़ जिले में रोडवेज की बसों की संख्या में 50% के इजाफे की मांग की है
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