Thursday Feb 26, 2026

RPF में डिप्टी कमांडेंट पद से सेवानिवृत्त बोहरा ने 96 वर्ष की उम में लालकुआं में ली अंतिम सांस

चंपावत जिला निर्माण के अलावा जीवट, जज्बे और सामाजिक मुद्दों को लेकर संघर्ष के लिए याद किए जाएंगे बोहरा

राज्य का नाम उत्तराखंड नाम नहीं रखे जाने तक उन्होंने दाड़ी और बाल नहीं कटवाए

अंतिम संस्कार डिप्टेश्वर घाट में, निधन पर जताया शोक

देवभूमि टुडे

चंपावत। चंपावत जिले के निर्माण में अहम भूमिका निभाने वाले बुजुर्ग त्रिलोक सिंह बोहरा नहीं रहे। RPF (रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स) में डिप्टी कमांडेंट पद से सेवानिवृत्त बोहरा 96 वर्ष के थे। उन्होंने पुलिस में सेवारत लालकुआं में अपने बेटे के आवास में अंतिम सांस ली।

सामाजिक कार्यकर्ता राज्य आंदोलनकारी हरगोविंद बोहरा ने बताया कि उनके पार्थिव शव को आज 24 फरवरी के तड़के चंपावत GIC रोड स्थित आवास पर लाया गया। उनका अंतिम संस्कार आज 24 फरवरी को सुबह करीब 10 बजे डिप्टेश्वर घाट में किया जा रहा है। जहां पुलिस में तैनात उनके दोनों बेटे नंदन सिंह बोहरा और श्याम सिंह बोहरा चिता को मुखाग्नि देंगे।

बुजुर्ग त्रिलोक सिंह बोहरा अपनी जीवट, जज्बे और सामाजिक मुद्दों को लेकर संघर्ष के लिए याद किए जाएंगे। 15 सितंबर 1997 को जिला बने चंपावत को जिला बनाने की लड़ाई में उन्होंने बढ़चढ़ कर आवाज उठाई। उत्तर प्रदेश से अलग हो बने नए राज्य उत्तरांचल के नाम को बदलकर उत्तराखंड करने के लिए उन्होंने विलक्षण संकल्प लिया। जब तक उत्तराखंड नाम नहीं हुआ, तब तक उन्होंने दाढ़ी और बाल नहीं कटवाए। 1 जनवरी 2007 में राज्य का नाम उत्तराखंड होने के बाद उन्होंने अपने दाढ़ी व बाल कटवाए।

त्रिलोक सिंह बोहरा। (फाइल फोटो)

निधन पर दर्जा मंत्री श्याम नारायण पांडेय, पूर्व ब्लॉक प्रमुख बहादुर सिंह फर्त्याल, राज्य आंदोलनकारी बसंत तड़ागी, हरगोविंद बोहरा, डीके पांडेय, मंदीप ढेक, भाजपा जिलाध्यक्ष गोविंद सिंह सामंत, ब्लॉक प्रमुख अंचला बोहरा, विधायक प्रतिनिधि प्रकाश तिवारी, वरिष्ठ भाजपा नेता एडवोकेट शंकर दत्त पांडेय, जिला पंचायत सदस्य कृष्णानंद जोशी, नगर पालिका अध्यक्ष प्रेमा पांडेय, सभासद प्रेमा चिल्कोटी, रोहित बिष्ट, सनी वर्मा, सूरज प्रहरी आदि ने शोक जताया है।




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