नशा हटाओ-जीवन बचाओ अभियान के संयोजक GIC सिप्टी के प्रवक्ता सामश्रवा आर्य के नेतृत्व में बेटियों के प्रति सम्मान और दुर्व्यसनों से दूर रहने का दिया गया संदेश
देवभूमि टुडे
चंपावत। चंपावत के ज्ञानीसेरान में महानवमी के मौके पर स्लोगनयुक्त पोस्टरों से बेटियों ने बेटियों के प्रति सम्मान और दुर्व्यसनों से दूर रहने का सामाजिक संदेश दिया। नशा हटाओ-जीवन बचाओ अभियान के संयोजक एवं GIC सिप्टी के प्रवक्ता सामश्रवा आर्य व शिक्षक देवेंद्र सिंह बिष्ट ने कहा कि देवी स्वरूपी बेटियों के प्रति समानता और सम्मान का व्यवहार केवल इन नवरात्रों तक ही सीमित न रहकर व्यक्ति के आचरण में अनवरत बने रहना चाहिए। ताकि बेटियां पारिवारिक, सामाजिक एवं व्यावहारिक पक्षों से मजबूत बन सकें।


धार्मिक पर्वों एवं त्योहारों में हम इन बेटियों को देवी स्वरूप में पूजकर अपने को पारिवारिक, सामाजिक व धार्मिक रूप से सशक्त समझ लेते हैं, पर क्या वास्तव में हम आज नशे के बढ़ते सामाजिक कुचक्रों कुरीतियों व अपराधों के कारण इन देवी स्वरूपमयी बेटियों को व्यावहारिक पक्ष से क्या उतना ही मजबूत बना पा रहे हैं? कहा गया कि इसे लेकर निरंतर जागरूकता एवं सजगता जरूरी है।
बच्चों ने-'लाडली बिटिया है वरदान, नशाखोरी कर मत करो अपमान। इस अवसर पर दें यही उपहार, समता-सम्मान का करें व्यवहार। 'हम बेटियों का यही है कहना, बुरे व्यसनों से दूर हमें रखना।' आदि नारों से बेटियों के भविष्य को सुरक्षित व उज्ज्वल बनाने का संदेश दिया। इस अवसर पर कामाख्या, लक्षिता, संस्कृति, ईशिता, ईतिशा, अनाया, कृतिका थ्वाल, भाव्या जोशी, किरन कलौनी, सानवी वर्मा, पूर्णिमा वर्मा, अनन्या कलौनी, कृशा तिवारी, उर्विल, शिक्षा, ममता व एकता मौजूद थे।
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