ओ भीना कस के जानू द्वारहाटा...
माया उपाध्याय और जितेंद्र तोमक्याल की प्रस्तुति को सराहा गया
देवभूमि टुडे
चंपावत/टनकपुर। टनकपुर के रावत फार्म में हुए चम्पावत सरस कॉर्बेट महोत्सव–2026 की पहली सांस्कृतिक संध्या में कला और लोक संस्कृति के रंग बिखरे। आगाज चंपावत के इतिहास पर आधारित लेज़र शो से हुई। भगवान विष्णु के कुर्म अवतार से लेकर आज के चंपावत की विकास यात्रा तक की कहानी को रोशनी और ध्वनि के समन्वय से प्रस्तुत किया गया। इस प्रस्तुति में चंपावत की सांस्कृतिक विरासत, प्राचीन मंदिरों, लोक परंपराओं और ऐतिहासिक महत्व को जीवंत किया गया।




लेज़र शो के बाद आयोजित स्टार नाइट में कुमाऊंनी लोकसंगीत का प्रदर्शन हुआ। जितेंद्र तोमक्याल ने लोकप्रिय गीत “लाली हो लाली”, “ओ भीना कस के जानू द्वारहाटा” और “हाथ पैरेली घड़ी” की प्रस्तुति दी। जिले की उभरती लोकगायिका सीमा विश्वकर्मा ने भी अपने गीतों से कार्यक्रम में नई ऊर्जा का संचार किया।
इसके पश्चात नामी लोकगायिका माया उपाध्याय ने “नैनीताल की माधुली”, “हाई ककड़ी” और “कान में डबल झुमका” जैसे सुपरहिट गीतों की प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कल 18 फरवरी से शुरू यह महोत्सव 24 फरवरी तक चलेगा। 7 दिवसीय महोत्सव जिले की लोक संस्कृति, साहसिक पर्यटन, हस्तशिल्प, पारंपरिक व्यंजनों और स्थानीय प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करेगा।
आज 19 फरवरी की स्टार नाइट में हिमनाद बैंड, खुशी और गोविंद डिगारी चार चांद लगाएंगे।
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