नशा हटाओ-जीवन बचाओ का चंपावत के मादली में जागरूकता अभियान
संयोजक सामश्रवा आर्य ने पर्यावरण के अलावा नशामुक्त मुहिम चलाई
देवभूमि टुडे
चंपावत। नशा हटाओ-जीवन बचाओ के संयोजक और जीआईसी सिप्टी के प्रवक्ता सामश्रवा आर्य ने महाराष्ट्र के जलगाव से आए पर्यटकों को नशामुक्त मुहिम से जोड़ते हुए स्वच्छ एवं नशामुक्त पर्यावरण के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि पर्यटकों के लिए नशामुक्त एवं स्वच्छ पर्यावरण का निर्माण करना वर्तमान समय की प्रमुख जरूरत है।


पर्यटक राज पाटिल ने इस मुहिम को युवाओं के लिए काफी अहम बताया। बताया कि उत्तराखंड के पहाड़ी जिले चंपावत, अल्मोड़ा एवं पिथौरागढ़ पवित्र धार्मिक स्थलों और प्रमुख पर्यटन क्षेत्रों में से एक है। जिसकी मौलिक सुंदरता हमारी प्राकृतिक धरोहर है। इस धरोहर को पर्यावरण दृष्टि से सुरक्षित, स्वच्छ एवं नशामुक्त बनाने में युवाओं की बहुत बड़ी भूमिका है। इसलिए सभी युवा अपनी ऊर्जा शक्ति को नशे में बर्बाद न करें, बल्कि अपनी क्षमता और ऊर्जा को पढने-लिखने, खेलने तथा शैक्षिक भ्रमण में लगाएं। जिससे पवित्र धार्मिक स्थलों का परिवेश नशामुक्त और स्वच्छ बना रहेगा तथा अन्य बच्चे भी उनका अनुकरण कर सकेंगे। इस अवसर पर किशोर पाटिल, अमित पाटिल, मनोज पाटिल, दुष्यंत पाटिल, राज पाटिल, अजय इंगोले, अनिल सोनावणे, वेद सोनावणे के अलावा भुवन चंद्र पांडेय और चंद्रशेखर पांडेय ने शिक्षक आर्य की मुहिम की सराहना करते हुए हस्ताक्षर अभियान में सहयोग दिया।
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