चंपावत के विशेष सत्र न्यायालय का फैसला
1 लाख रुपये का अर्थदंड और अर्थदंड अदा नहीं करने पर 1 वर्ष की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी
गुनाहगार मिथिलेश शर्मा उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले की रहने वाली है
देवभूमि टुडे
चंपावत। स्मैक तस्करी की एक महिला अभियुक्त को चंपावत के विशेष सत्र न्यायालय ने दोषी करार दिया है। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करने वाले जिला शासकीय अधिवक्ता विद्याधर जोशी ने बताया कि सत्र न्यायाधीश जिला जज अनुज कुमार संगल ने गुनाहगार को 8 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके अलावा अर्थदंड लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
बनबसा जगबुड़ा पुल के नजदीक दो महिलाओं (मिथिलेश शर्मा से 151 ग्राम एवं शबाना से 202.30 ग्राम) से 14 मई 2022 को तलाशी के दौरान स्मैक बरामद हुई थी। बनबसा थाने में दोनों आरोपितों के खिलाफ NDPS की धारा 8/21 (b) में मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोपपत्र दायर होने के बाद चंपावत के विशेष सत्र न्यायालय में मामले की सुनवाई शुरू हुई। सुनवाई के दौरान 31 अगस्त 2024 को सह अभिमुक्त शबाना की मौत हो गई।
न्यायालय में दोनों पक्षों की दलीलें, साक्ष्य, गवाहों के बयान एवं तमाम दस्तवेजों के परीक्षण के बाद अभियुक्त मिथिलेश शर्मा (38) निवासी शेखपुर, लवाना भवानीगंज प्रतापगढ़ उत्तर प्रदेश को दोषी पाया। सत्र न्यायाधीश जिला जज अनुज कुमार संगल ने दोषी मिथिलेश शर्मा को 8 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके अलावा 1 लाख रुपये का अर्थदंड लगाया गया है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर 1 वर्ष की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
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